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UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. इस बार विवाद नैमिषारण्य स्थित मां ललिता देवी मंदिर में कथित रूप से समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की तस्वीर रखकर पूजा किए जाने को लेकर खड़ा हुआ है. इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान परिषद सदस्य और यूपी आपदा एवं प्रबंधन जांच समिति के चेयरमैन डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने सपा प्रमुख पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि नैमिष जैसे पवित्र हिंदू तीर्थस्थल पर मां ललिता देवी के साथ अखिलेश यादव की तस्वीर रखकर पूजा कराना धार्मिक आस्था का अपमान है. डॉ. निर्मल ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती हैं.
'देवी मां के बराबर तस्वीर रखकर पूजा कराना अनुचित'
डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार समाजवादी पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के जन्मदिन के अवसर पर मां ललिता देवी मंदिर में उनकी तस्वीर देवी मां के समकक्ष रखकर पूजा-अर्चना की. उन्होंने इसे बेहद आपत्तिजनक बताया. उनका कहना था कि किसी भी राजनीतिक नेता की तस्वीर को देवी-देवताओं के साथ रखकर पूजा करना भारतीय धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन है.
अंबेडकर की तस्वीर वाले पुराने विवाद का भी किया जिक्र
बीजेपी नेता ने अपने बयान में एक पुराने विवाद का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले भी अखिलेश यादव पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर से जुड़े विवाद को लेकर सवाल उठ चुके हैं. डॉ. निर्मल ने आरोप लगाया कि इस तरह के कदमों के जरिए महापुरुषों की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की जाती रही है. हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई नया साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया. यह बयान पूरी तरह राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आया है.
'देवी-देवताओं का भी हो रहा अपमान'
डॉ. निर्मल ने आरोप लगाया कि अब मामला केवल महापुरुषों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देवी-देवताओं से जुड़ी आस्थाओं को भी आहत किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि नैमिषारण्य जैसे पवित्र धार्मिक स्थल पर इस तरह की घटना स्वीकार नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि भाजपा इस तरह के मामलों को गंभीरता से देखती है और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता.
विधानसभा चुनाव का भी किया जिक्र
अपने बयान के दौरान डॉ. निर्मल ने आगामी विधानसभा चुनावों का भी उल्लेख किया. उन्होंने दावा किया कि हिंदू समाज इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से देख रहा है और जनता इसका जवाब चुनाव में देगी. उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर लोगों की भावनाएं काफी संवेदनशील होती हैं और राजनीतिक दलों को ऐसे मामलों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.