Lucknow News: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को नवनियुक्त कनिष्ठ विश्लेषकों और दंत स्वास्थ्य वैज्ञानिकों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए भ्रष्टाचार और पुरानी व्यवस्थाओं पर तीखा हमला बोला. इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि बेईमान नेताओं और भ्रष्ट नौकरशाहों को रोकने के लिए हर व्यक्ति को खुद से शुरुआत करनी होगी.
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Lucknow News: लखनऊ में रविवार का दिन सिर्फ नियुक्ति पत्र बांटने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मंच बन गया एक मजबूत संदेश और पुरानी व्यवस्था पर तीखे प्रहार का. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब 609 नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे, तो उनके शब्दों में सिर्फ बधाई नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी और चेतावनी भी साफ झलक रही थी.
सीएम योगी ने 609 चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें बिना किसी सिफारिश के नौकरी मिली है, जो पारदर्शी व्यवस्था का प्रमाण है. उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले 'चाचा-भतीजे की जोड़ी' भर्ती में वसूली करती थी और गड़बड़ी का खामियाजा अधिकारियों को भुगतना पड़ता था.
दंगा मुक्त प्रदेश बना तो निवेश आया
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था सुधरने से निवेश बढ़ा है और MSME सेक्टर में बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिला है. उन्होंने बताया कि यूपी में फार्मा सेक्टर में 17 एमओयू हुए हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
स्वास्थ्य और शिक्षा पर जोर
सीएम योगी ने कहा कि अब प्रदेश के हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुका है और कुल 81 मेडिकल कॉलेज तथा 2 एम्स कार्यरत हैं. खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लैब की संख्या 6 से बढ़ाकर 18 कर दी गई है, जिससे अब एक लाख से अधिक नमूनों की जांच संभव है. उन्होंने कहा कि पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे, लेकिन अब हर मंडल स्तर पर आधुनिक लैब स्थापित की गई हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.
भर्ती प्रक्रिया पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने 9 लाख से अधिक भर्तियां निष्पक्ष तरीके से कराई हैं और आने वाले एक साल में डेढ़ लाख और नौकरियां दी जाएंगी. भर्ती में धांधली रोकने के लिए सख्त कानून बनाया गया है, जिसमें दोषियों को आजीवन कारावास और संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है.
युवक की आत्महत्या का जिक्र
सीएम योगी ने एक भावुक किस्सा सुनाते हुए बताया कि उनके क्षेत्र में एक युवक ने आत्महत्या कर ली थी, जबकि वह मेरिट में था लेकिन चयन नहीं हुआ. इस घटना को उन्होंने भ्रष्ट व्यवस्था का उदाहरण बताते हुए कहा कि अब ऐसी घटनाएं रोकने के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू की गई है.
अब सोच बदली, काम भी बड़ा हुआ
सीएम योगी ने कहा कि पहले छोटी सोच के कारण बड़े फैसले नहीं हो पाते थे, लेकिन अब सरकार बड़े स्तर पर फैसले लेकर युवाओं के लिए अवसर बना रही है. उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों से ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपील की.
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