रेमडेसिविर की कालाबाजारी रोकने के लिए STF तैयार, कानपुर में डबल रेट पर बिकती पाई गई दवा

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने अहब जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों की क्लास लगाने की ठान ली है. ADG अमिताभ यश ने STF की सभी यूनिट्स को ये निर्देश दिए हैं कि अन्य राज्यों से लाकर की जा रही कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाई जाए.

रेमडेसिविर की कालाबाजारी रोकने के लिए STF तैयार, कानपुर में डबल रेट पर बिकती पाई गई दवा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने अहब जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों की क्लास लगाने की ठान ली है. ADG अमिताभ यश ने STF की सभी यूनिट्स को ये निर्देश दिए हैं कि अन्य राज्यों से लाकर की जा रही कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाई जाए. ऐसे में, इस संबंध में जो भी इनपुट मिले, उसके आधार पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए. 

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डबल रेट पर बिक रही थी दवा
अमिताभ यश ने मीडिया को बताया कि जिनके पास भी ये जीवन रक्षक दवाएं थीं, उन्होंने मांग बढ़ती देख कालाबाजारी शुरू कर दी. इसके साथ ही, ड्रग्स माफिया भी एक्टिव हो गए और कई राज्यों से दवाइयों का काला धंधा चलने लगा. यही वजह थी कि 3500 से कम में बिकने वाली रेमडेसिविर कानपुर में 7 हजार रुपयेय में बेची जा रही थी. इसका इनपुट मिलिट्री इंटेलीजेंस ने एसटीएफ को दिया, जिसके बाद कानपुर से ही रेमडेसिविर के 265 इंजेक्शन जब्त किए गए. 

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महाराष्ट्र में लोग 70 हजार रुपये तक देने को तैयार
STF ADG ने ही मीडिया को जानकारी दी है कि क्योंकि रेमडेसिविर इंजेक्शन कोरोना के इलाज में मदद कर रही है, इसलिए लोगों ने इसकी जमाखोरी शुरू कर दी. एडीजी ने जानकारी दी कि इसके एक इंजेक्शन के लिए महाराष्ट्र में लोग 60-70 हजार रुपये दे रहे हैं. महाराष्ट्र के ये हालात देखते हुए लोग यूपी में भी इसी रकम पर इंजेक्शन बेचने की सोचने लगे. लेकिन एसटीएफ इनपर नजर रख रही है और कोई ऐसा करते हुए पाया गया तो उसपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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