उपचुनाव: 'स्वार सीट' तैयार, जल्द शुरू होगा प्रचार, कौन होगा जीत का हकदार, जनता कर रही बेसब्री से इंतजार

कांग्रेस ने इस सीट पर नवाब परिवार के हमजा मिया को टिकट दिया है तो बसपा की ओर से नगर पालिका स्वार के पूर्व चेयरमैन शफीक अंसारी मैदान में हैं. सपा-भाजपा ने अभी अपने प्रत्याशियों का एलान नहीं किया है.

उपचुनाव: 'स्वार सीट' तैयार, जल्द शुरू होगा प्रचार, कौन होगा जीत का हकदार, जनता कर रही बेसब्री से इंतजार

रामपुर: आज़म खान के पुत्र अब्दुल्ला आज़म की खाली स्वार विधानसभा सीट पर हाईकोर्ट के इलेक्शन कमीशन को उप चुनाव कराने के निर्देश के बाद अब इस सीट पर हलचल बढ़ गई है.  इस सीट पर बसपा ओर कांग्रेस अपने अपने उम्मीदवार पहले ही घोषित कर चुके हैं. सपा और बीजेपी ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं.

कांग्रेस ने इस सीट पर नवाब परिवार के हमजा मिया को  टिकट दिया है तो बसपा की ओर से नगर पालिका स्वार के पूर्व चेयरमैन शफीक अंसारी मैदान में हैं. शफीक अंसारी ने स्वार सीट को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. उन्होंने इस फैसले को लोकतंत्र की जीत बताया.

बसपा की टिकट पर लड़ेंगे शफीक अंसारी 
शफीक अंसारी ने कहा कि इलेक्शन कमीशन ने स्वार सीट को खाली रखा था. हाईकोर्ट ने हमारी सुनी,स्वार में एक साल से विधायक नही है. एमपी भी जेल में है. अब हाईकोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया है. ये लोक तंत्र की जीत है. में बसपा उम्मीदवार हूं. बहुत वोटो से जीत होगी.

कांग्रेस ने बनाया हमजा मिया को उम्मीदवार
इस मामले में नवाब परिवार के हमजा मिया जो कांग्रेस उम्मीदवार भी है. उन्होंने कहा कि हम चाहते है की चुनाव जल्दी हो. अब हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को चुनाव कराने का आदेश किआ है. हमजा मिया ने कहा कि हम लगातार पब्लिक में बने हुए हैं.

भाजपा-सपा ने नहीं खोले पत्ते
इस सीट पर अभी भाजपा की ओर से प्रत्याशी का एलान नहीं हुआ है. साथ ही समाजवादी पार्टी कि अगली रणनीति पर भी गौर करना होगा क्योंकि आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम सपा से ही विधायक थे लेकिन दिसंबर 2019 में फर्जी जन्मतिथि प्रमाण पत्र विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी. इसके बाद से यह सीट खाली है.

हाईकोर्ट ने दिए चुनाव कराने का आदेश
रामपुर की स्वार विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव की अटकलों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विराम लगा दिया. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर की स्वार विधानसभा सीट पर भी चुनाव कराने का आदेश जारी किया . उपचुनाव के लिए हफ्ते भर में नोटिफिकेशन जारी हो सकता है.
जस्टिस शशिकांत गुप्ता और जस्टिस पंकज भाटिया की डिवीजन बेंच ने स्वार तहसील की नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष शफीक अहमद की अर्जी पर यह आदेश जारी किया. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में अब्दुल्ला आज़म का केस पेंडिंग होने की वजह से चुनाव न कराने की इलेक्शन कमीशन की दलील भी हाईकोर्ट ने ठुकरा दिया.

अब्दुल्ला के चुनाव लड़ने की स्थिति साफ नहीं
विधानसभा सचिवालय की तरफ से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिखकर अब्दुल्ला आजम को 6 साल के लिए चुनाव से डिबार करने की सिफारिश की है. यूपी असेंबली सेक्रेटेरिएट ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा है कि अब्दुल्ला आजम को चुनाव में भ्रष्ट आचरण का दोषी पाया गया है, इसलिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 8-क के तहत 6 वर्षों तक उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाए. इस पर अभी फैसला आना बाकी है.

सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
अब्दुल्ला आजम खान ने विधायकी रद्द किए जाने के संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी लेकिन  उन्हें फिलहाल कोई राहत नहीं मिली. शीर्ष अदालत ने निर्वाचन रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. 

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