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Kanpur News: केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने कानपुर से कबरई तक राष्ट्रीय राजमार्ग-34 (NH-34) के एक हिस्से को 4/6 लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के रूप में विकसित करने की मंजूरी प्रदान की है. 7,145.14 करोड़ की इस परियोजना की मंजूरी पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी का आभार जताया है.
करीब 117.7 किलोमीटर लंबा यह ग्रीनफील्ड हाईवे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की देखरेख में BOT (टोल) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा. यह मार्ग भोपाल-कानपुर आर्थिक गलियारे का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है.
डेढ़ घंटे में पूरा होगा सफर
नई सड़क परियोजना के पूरा होने के बाद कानपुर से कबरई के बीच यात्रा पहले की तुलना में काफी तेज हो जाएगी. वर्तमान में इस दूरी को तय करने में लगभग साढ़े तीन घंटे का समय लगता है, जबकि हाईवे बनने के बाद यह सफर करीब डेढ़ घंटे में पूरा किया जा सकेगा. इससे यात्रा समय में लगभग 58 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान है.
हाईवे को 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के अनुरूप तैयार किया जाएगा. इससे सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, वाहनों की परिचालन लागत घटेगी और माल परिवहन की गति बढ़ेगी.
उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश कनेक्टिविटी को मिलेगा बल
यह परियोजना उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच संपर्क व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी. इसके जरिए सागर, भोपाल और आसपास के क्षेत्रों तक तेज और सुगम आवागमन संभव हो सकेगा.
प्रस्तावित कॉरिडोर को NH-34, NH-35, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, कानपुर रिंग रोड और कई राज्य राजमार्गों से जोड़ा जाएगा, जिससे क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी.
उद्योग, खनन और कृषि क्षेत्र को होगा फायदा
कबरई क्षेत्र खनन गतिविधियों के लिए जाना जाता है. नई सड़क परियोजना से खनिज संसाधनों, निर्माण सामग्री, औद्योगिक उत्पादों और कृषि उपज के परिवहन में आसानी होगी. इससे लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी गति मिलने की उम्मीद है.
पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत यह कॉरिडोर 16 आर्थिक केंद्रों को बेहतर संपर्क उपलब्ध कराएगा. इनमें उन्नाव, पंखी, रनिया, जैनपुर, रूमा और चकेरी जैसे औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं.
रोजगार और पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
सरकारी अनुमान के मुताबिक परियोजना के निर्माण चरण में लगभग 1.2 करोड़ व्यक्ति-दिवस रोजगार सृजित होंगे. साथ ही कानपुर जूलॉजिकल पार्क, बुद्धा पार्क, जे.के. टेंपल, सिद्धेश्वर महादेव मंदिर और महोबा के पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी अधिक सुविधाजनक होगी.
वित्त वर्ष 2028 तक इस मार्ग पर प्रतिदिन औसतन 18,069 पैसेंजर कार यूनिट (PCU) ट्रैफिक रहने का अनुमान जताया गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह हाईवे बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, व्यापारिक गतिविधियों और आर्थिक विकास को नई रफ्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.