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SMS से मिलेगी सूचना.. GPS से होगा सर्वे, UP में किसानों के लिए बड़ा बदलाव

UP sugarcane GPS survey: उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब गन्ने की फसल का सर्वे पुराने अंदाज में नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक यानी GPS के जरिए किया जाएगा.

SMS से मिलेगी सूचना.. GPS से होगा सर्वे, UP में किसानों के लिए बड़ा बदलाव

UP sugarcane GPS survey: उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब गन्ने की फसल का सर्वे पुराने अंदाज में नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक यानी GPS के जरिए किया जाएगा. सरकार का मकसद किसानों को पारदर्शी और सही जानकारी देना है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी या विवाद की गुंजाइश न रहे.

1 मई से शुरू होगा सर्वे

इस नई व्यवस्था के तहत 1 मई से पूरे प्रदेश में गन्ने की फसल का सर्वे शुरू होगा, जो 30 जून तक चलेगा. इस दौरान हर किसान के खेत तक टीम पहुंचेगी और वहीं पर GPS की मदद से डेटा रिकॉर्ड किया जाएगा. यह प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल होगी, जिससे जानकारी तुरंत विभाग के सर्वर तक पहुंच जाएगी.

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सर्वे से पहले SMS से मिलेगी सूचना

किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पहले ही उन्हें सूचना दी जाएगी. सर्वे से करीब तीन दिन पहले किसानों के मोबाइल पर SMS भेजा जाएगा, ताकि वे तय समय पर अपने खेत पर मौजूद रह सकें.

किसान की मौजूदगी में होगा पूरा सर्वे

इस सर्वे की खास बात यह है कि यह पूरी प्रक्रिया किसान की मौजूदगी में होगी. जब टीम खेत पर पहुंचेगी, तो किसान के सामने ही खेत का माप, गन्ने की किस्म और अन्य जानकारी दर्ज की जाएगी. इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी तरह का विवाद नहीं होगा.

टीम में होंगे सरकारी अधिकारी और मिल कर्मचारी

सर्वे के लिए खास टीम बनाई गई है, जिसमें एक सरकारी गन्ना पर्यवेक्षक और एक चीनी मिल का कर्मचारी शामिल होगा. दोनों को पहले से ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि सर्वे में कोई गलती न हो और डेटा पूरी तरह सही दर्ज किया जा सके. GPS सर्वे का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जो भी जानकारी जुटाई जाएगी, वह सीधे विभाग के सर्वर पर अपलोड होगी. यानी अब कागजी प्रक्रिया की जरूरत कम होगी और डेटा ज्यादा सटीक रहेगा.

सर्वे के बाद भी SMS से मिलेगी पूरी जानकारी

सर्वे पूरा होने के बाद भी किसान को SMS के जरिए जानकारी दी जाएगी. इसमें उसके खेत का क्षेत्रफल, गन्ने की किस्म और अन्य जरूरी डिटेल्स शामिल होंगी. इससे किसान खुद भी अपने डेटा को आसानी से समझ सकेगा. इस सर्वे के दौरान नए किसानों का पंजीकरण भी किया जाएगा. यानी जो किसान अब तक इस व्यवस्था से नहीं जुड़े थे, उन्हें भी इसमें शामिल होने का मौका मिलेगा.

समय पर रजिस्ट्रेशन जरूरी

सरकार ने साफ किया है कि 30 सितंबर 2026 तक जो किसान पंजीकरण करा लेंगे, वही आगे गन्ना आपूर्ति का लाभ ले सकेंगे. इसलिए किसानों को समय रहते रजिस्ट्रेशन कराने की सलाह दी गई है. रजिस्ट्रेशन के लिए भी सरकार ने अलग-अलग श्रेणी के किसानों के लिए आसान शुल्क तय किया है. अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों के लिए कम शुल्क रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना से जुड़ सकें.

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