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Jobs in YEIDA: उत्तर प्रदेश अब सिर्फ खेती-किसानी वाला राज्य नहीं रह गया है. तेजी से बदलते औद्योगिक माहौल में अब यूपी देश के बड़े निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है. खासकर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास का इलाका उद्योगों के लिए नया हॉटस्पॉट बनता जा रहा है. इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी Yamuna Expressway Industrial Development Authority क्षेत्र में 17 बड़ी कंपनियों को जमीन आवंटन पत्र सौंपे. इन कंपनियों के जरिए प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का निवेश आने वाला है. माना जा रहा है कि इससे यूपी की औद्योगिक तस्वीर और तेजी से बदलेगी.
आखिर क्यों खास है ये निवेश?
यह निवेश सिर्फ फैक्ट्री लगाने तक सीमित नहीं है. इसकी खास बात यह है कि इसमें सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, रेलवे उपकरण, स्मार्ट एनर्जी और गारमेंट जैसे भविष्य के सेक्टर शामिल हैं. सरकार का फोकस ऐसे उद्योगों पर है जो लंबे समय तक रोजगार पैदा करें और यूपी को आधुनिक तकनीक वाले राज्यों की कतार में खड़ा करें. यही वजह है कि इन परियोजनाओं को प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ये प्रोजेक्ट समय पर जमीन पर उतरते हैं तो यूपी आने वाले वर्षों में देश के सबसे बड़े औद्योगिक राज्यों में शामिल हो सकता है.
कहां होगा सबसे बड़ा निवेश?
हरित ऊर्जा यानी ग्रीन एनर्जी सेक्टर में सबसे बड़ा निवेश देखने को मिलेगा. CESC Green Power Limited 100 एकड़ जमीन पर 3 गीगावाट क्षमता की सोलर सेल और मॉड्यूल निर्माण यूनिट लगाएगी. इस परियोजना में करीब 3805 करोड़ रुपये का निवेश होगा और लगभग 5000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है. इसके अलावा Integrated Batteries India Private Limited भी सोलर पीवी सेल निर्माण इकाई स्थापित करेगी. इस प्रोजेक्ट में 1146 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. इन दोनों परियोजनाओं से साफ है कि यूपी अब हरित ऊर्जा निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है.
कैसे मिलेगा युवाओं को फायदा?
इस पूरे निवेश का सबसे बड़ा फायदा रोजगार के रूप में देखने को मिल सकता है. अनुमान है कि इन परियोजनाओं से 12 हजार से ज्यादा नौकरियां पैदा होंगी. खास बात यह है कि कई कंपनियों ने स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की बात कही है. कुछ कंपनियां 40 प्रतिशत तो कुछ 70 से 90 प्रतिशत तक स्थानीय रोजगार देने की तैयारी में हैं. इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर और आसपास के जिलों के युवाओं के लिए नौकरी के नए अवसर खुलेंगे. तकनीकी शिक्षा लेने वाले युवाओं को खास फायदा मिलने की उम्मीद है.
आईटी और डाटा सेक्टर में क्या बदलेगा?
आईटी और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में भी बड़े निवेश आने वाले हैं. Arsenal Infosolutions Private Limited और Virtual Employee Private Limited जैसी कंपनियां आईटी और आईटीईएस प्रोजेक्ट स्थापित करेंगी. इन परियोजनाओं के जरिए सैकड़ों युवाओं को नौकरी मिलने की संभावना है. वहीं Quarks Technosoft Private Limited डाटा प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित करेगी, जिससे करीब 1800 रोजगार पैदा होने की उम्मीद है. इसका मतलब साफ है कि यूपी अब सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग ही नहीं बल्कि डिजिटल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में क्यों बढ़ रही हलचल?
मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और घरेलू मशीनों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसी को देखते हुए कई कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण इकाइयां लगाने जा रही हैं. Samercool Home Appliances Limited, Vega Industries Private Limited और Advance Panels and Switchgears Private Limited जैसी कंपनियां यूपी में निवेश करेंगी. इन कंपनियों के आने से इलेक्ट्रॉनिक्स और ईवी चार्जर जैसे आधुनिक उत्पादों का निर्माण बढ़ेगा. इससे प्रदेश में सप्लाई चेन और छोटे उद्योगों को भी फायदा मिलेगा.
रेलवे और गारमेंट सेक्टर को कैसे मिलेगा बूस्ट?
रेलवे सेक्टर में JMV LPS Limited रेलवे सिग्नलिंग उत्पाद निर्माण यूनिट लगाएगी. वहीं गारमेंट सेक्टर में Sahu International Attire Private Limited बड़ा निवेश करेगी. गारमेंट इंडस्ट्री को रोजगार पैदा करने वाला सबसे बड़ा सेक्टर माना जाता है. ऐसे में बड़ी संख्या में महिलाओं और स्थानीय कामगारों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है.
एआई और स्मार्ट टेक्नोलॉजी पर भी फोकस
अब उद्योग सिर्फ मशीनों तक सीमित नहीं रह गए हैं. नई परियोजनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्मार्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भी देखने को मिलेगा. Riddhi Siddhi Papers एआई आधारित कोरोगेटेड बॉक्स निर्माण परियोजना शुरू करेगी. वहीं NDSB Infrastructure Private Limited स्मार्ट एनर्जी मीटर और डाटा एनालिसिस प्रोजेक्ट पर काम करेगी. इससे साफ है कि यूपी सरकार अब भविष्य की तकनीकों को ध्यान में रखकर औद्योगिक विकास की रणनीति बना रही है.
क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा यीडा क्षेत्र?
यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत इसकी लोकेशन है. यहां बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली-एनसीआर की नजदीकी और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से मौजूद है. इसी वजह से बड़ी कंपनियां यहां निवेश करने में दिलचस्पी दिखा रही हैं. माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह इलाका देश के सबसे बड़े औद्योगिक कॉरिडोर में शामिल हो सकता है.