'अगर कोई मरने के लिए आ ही रहा है तो वो जिंदा कहां से हो जाएगा'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, " जिन लोगों ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोली चला कर रामनगरी की मान्यता को दूषित करने का प्रयास किया था , वो आज उपद्रवियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर हमसे जवाब मांग रहे हैं".

'अगर कोई मरने के लिए आ ही रहा है तो वो जिंदा कहां से हो जाएगा'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर सबसे कड़ा प्रहार किया

लखनऊ: CAA विरोधी प्रदर्शनकारियों पर सरकार की सख्ती का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर सबसे कड़ा प्रहार किया. इस मामले में हमलावर विपक्ष को घेरने के लिए योगी ने कारसेवकों पर गोली चलाने की घटना का जिक्र करते हुए विपक्ष खासकर समाजवादी पार्टी को घेरा जो सरकार के खिलाफ सबसे ज्यादा आक्रमक है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, " जिन लोगों ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोली चला कर रामनगरी की मान्यता को दूषित करने का प्रयास किया था , वो आज उपद्रवियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर हमसे जवाब मांग रहे हैं". मुख्यमंत्री ने ये तीखा हमला विधानसभा में बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापन के वक्त दिया.    

मुख्यमंत्री ने हिंसा करने वालों को सियासी संरक्षण मिलने का भी शक जताया, उन्होंने कहा , " CAA के खिलाफ हुई हिंसा सोचने पर मजबूर करती है कि आंदोलन की आड़ में जो लोग हिंसा कर रहे थे उनको राजनीतिक संरक्षण तो नहीं मिला था". मुख्यमंत्री ने हिंसा करने वालों को सियासी संरक्षण मिलने का भी शक जताया, उन्होंने कहा, " CAA के खिलाफ हुई हिंसा सोचने पर मजबूर करती है कि आंदोलन की आड़ में जो लोग हिंसा कर रहे थे उनको राजनीतिक संरक्षण तो नहीं मिला था. अगर कोई मरने के लिए आ ही रहा है तो वो जिंदा कहां से हो जाएगा." मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके. राज्य विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा, "पुलिस की गोली से कोई नहीं मारा गया. मरने वाले सभी लोग दंगाइयों की गोली से मारे गए हैं. यदि कोई लोगों को निशाना बनाने के इरादे से सड़क पर उतरता है तो या तो वह मरता है या फिर पुलिसकर्मी मरता है."

हालांकि उन्होंने ये भरोसा भी जाहिर किया कि उनकी सरकार हर स्थिति का सामना करने को तैयार है और हिंसा का असर आम लोगों पर नहीं होने देगी. उन्होंने सदन को जानकारी दी कि जब  15 दिसंबर को जामिया में हिंसा हुई तो उन्होंने प्रदेश में अधिकारियों को अलर्ट रह कर स्थिति न बिगड़ने देने का निर्देश दिया. मुश्किल वक्त में उत्तर प्रदेश पुलिस AMU के बाहर डटी रही और स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया. मुख्यमंत्री ने कहा, "अलीगढ़ सुरक्षित था है और रहेगा".

पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की तारीफ करते हुए CM योगी बोले, "एक भी दंगाई घटना उत्तर प्रदेश में नहीं हुई. अगर कोई मरने के लिए कह ही रहा है तो जिंदा कैसे जाएगा. मरने वाले सभी उपद्रवियों की गोली से मरे हैं. कोई भी पुलिस की गोली से नहीं मरा है".

उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी इशारों-इशारों में हमला बोला. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को बोलने की आजादी है,लेकिन उन्हें संविधान की मर्यादा को ध्यान में रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने संविधान और महिलाओं की इज्जत को तार-तार किया है वही लोग संविधान और महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं.

विपक्ष से योगी आदित्यनाथ ने कड़े शब्दों में कहा कि विपक्ष सदन में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करता हैै. उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि उसे ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि विपक्ष के नेता सदन में जो कुछ भी बोलते हैं वो रिकॉर्ड होता है. योगी ने कहा, "अगर 5 वर्ष के बसपा के शासनकाल की बात करें तो कई चीनी मिले बंद की गई हैं. जो लोग राष्ट्रीय सुरक्षा को आघात पहुंचाना चाहते हैं और उन्होंने टेरर फंडिंग की. ऐसे लोग जितनी सहानुभूति राष्ट्रीय सुरक्षा को ठेस पहुंचाने वालों से दिखाते हैं उतनी सहानुभूति गरीब किसानों के लिए दिखाते तो हमें प्रशंसा होती".

मुख्यमंत्री योगी ने एक तरफ विपक्ष पर हमला बोला तो दूसरी तरफ विपक्ष को सकारात्मक काम करने की चुनौती भी दी. उन्होंने कहा, "हम विपक्ष को प्रस्ताव देते हैं कि हर एक ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय होना चाहिए. इसमें आप भी प्रस्ताव लाएं.  4300 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र SP शासन के समय बंद हो गए थे हमने उन्हें आबाद किया है".

सीएम योगी ने कहा" जब सपा की सरकार आती तो अनुसूचित जाति के बच्चे छूट जाते हैं और जब बसपा की सरकार आती तो पिछड़ी जाति के बच्चे छूट जाते हैं. मगर छात्रवृत्ति की बात करें तो हमने इस वर्ष 26 जनवरी को छप्पन लाख छात्रों को छात्रवृत्ति दी, जिसमें से 28 लाख बच्चे पिछड़ी जाति के हैं.

सरकार की तारीफ करते हुए सीएम योगी बोले, सरकार किसी भी प्रदेश के किसी भी जाति के लोग के साथ अन्याय नहीं होने देगी. सपा, बसपा को और कांग्रेस को सबको मौका मिला है, कोई यह नहीं कह सकता है कि हमें मौका नहीं मिला. मुद्दा ये है कि जनता को देने के समय किसने क्या दिया.

योगी सरकार ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया. ये बजट योगी सरकार के कार्यकाल का चौथा बजट था जिसका आकार 5.12 लाख करोड़ रुपए था. वित्त वर्ष 2020-21 का बजट युवाओं की शिक्षा, संवर्धन और रोजगार को समर्पित किया गया. बजट में सहारनपुर, अलीगढ़, आजमगढ़ में 3 नए राज्य विश्वविद्यालय. राज्य में पुलिस फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी की स्थापना. प्रयागराज मेला यूनिवर्सिटी, गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय खोलने का प्रस्ताव रखा गया. इस बार के बजट में 10 हजार 967 करोड़ 87 लाख की नई योजनाएं शामिल की गई. इसके साथ जेवर और अयोध्या में एयरपोर्ट के लिए योगी सरकार ने अलग-अलग बजट दिया है.