उत्तर प्रदेशः सरकार की सख्ती ने दिखाया असर, कपड़े और कागज के थैलों ने ली पॉलिथीन की जगह
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उत्तर प्रदेशः सरकार की सख्ती ने दिखाया असर, कपड़े और कागज के थैलों ने ली पॉलिथीन की जगह

पर्यावरण संबंधी मुददों पर कार्य कर रहे वैज्ञानिक डॉ. अटल बिहारी शुक्ला ने कहा, 'पॅलिथीन के केमिकल सामान को घातक बना देते हैं . पॅलिथीन को नष्ट करना भी जटिल प्रक्रिया है. कितना भी प्रयास करें, अंतत: यह पर्यावरण में बना ही रहता है .'

अकसर गायें चारे के लालच में पॅलिथीन खा जाती हैं और उनकी जान चली जाती है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पॅलिथीन पर रोक ने कुछ दिन तक तो उत्साहजनक परिणाम दिये लेकिन बाद में घरों बाजारों में धीरे धीरे इसका इस्तेमाल फिर से होने लगा. अब एक बार फिर प्रशासन की सख्ती का असर नजर आने लगा है और दुकानदार कपड़े या कागज के थैले का इस्तेमाल करने लगे हैं . राजधानी लखनऊ में सब्जी का ठेला लगाने वाले कपड़े के थैले में सब्जी देते हैं और पूछने पर कहते हैं कि आजकल सख्ती बहुत है और झट चालान हो जाता है. पर्यावरण संबंधी मुददों पर कार्य कर रहे वैज्ञानिक डॉ. अटल बिहारी शुक्ला ने कहा, 'पॅलिथीन के केमिकल सामान को घातक बना देते हैं . पॅलिथीन को नष्ट करना भी जटिल प्रक्रिया है. कितना भी प्रयास करें, अंतत: यह पर्यावरण में बना ही रहता है .'

उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद दस दिन पहले तक पॅलिथीन के थैलों और गिलासों का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा था, लेकिन अब प्रशासन की सख्ती से इसका प्रयोग लगभग बंद है. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद 50 माइक्रॉन से पतली पॅालिथीन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. मुख्यमंत्री ने पिछले साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में एक कार्यक्रम के दौरान 'डिस्पोजिबल प्लास्टिक' पर प्रतिबंध का ऐलान किया था. अनाज की थोक सप्लाई का काम करने वाले कारोबारी मुश्ताक का कहना है कि पॅलिथीन पर प्रतिबंध को लेकर सख्ती का असर राजधानी में साफ नजर आता है. 

थोक दुकानदार हो या फुटकर दुकानदार हो, सूखा सामान कागज के थैलों में और सब्जी-फल जैसी वस्तुएं कपडे के थैलों में दी जा रही हैं. डिजाइनर कपडों की कारोबारी सुधा वर्मा ने कहा, 'योगी सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर है. उल्लंघन पर जेल के साथ ही जुर्माने का प्रावधान है. ' बंगला बाजार में सप्ताह में दो बार लगने वाली हाट में दुकान लगाने वाले अनाज कारोबारी संतोष गौतम ने कहा, 'अब हम लोग ग्राहकों को झोला लेकर आने को कहते हैं . मजबूरी है, आखिर कौन जुर्माना भरे .' वैज्ञानिक डॉ शुक्ला ने कहा कि अकसर गायें चारे के लालच में पॅलिथीन खा जाती हैं और उनकी जान चली जाती है. पॅलिथीन के खिलाफ सख्ती गायों की सुरक्षा के लिहाज से भी जरूरी है.

(इनपुटः भाषा)

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