अब अलीगढ़ में पुलिस पर हमला, पत्थर बरसा शराब माफिया को छुड़ा ले गए उपद्रवी

एसपी देहात अतुल शर्मा ने बताया कि 5 थानों की टीम गठित कर दबिश दी जा रही है.

अब अलीगढ़ में पुलिस पर हमला, पत्थर बरसा शराब माफिया को छुड़ा ले गए उपद्रवी
फाइल फोटो

अलीगढ़: उत्तर प्रदेश में पुलिस पर जानलेवा हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा मामला अलीगढ़ से सामने आया है, जहां वांछित शराब माफिया को पकड़ने गई पुलिस टीम पर उपद्रवियों ने पत्थर बरसा दिए. जिससे यूपी पुलिस का एक दारोगा और दो महिला कॉन्स्टेबल घायल हो गए.

मामला थाना दादों क्षेत्र के सांकरा गांव का है, जहां गुरुवार रात शराब माफिया जागन मल्लाह और उसके बेटा संजू को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम पहुंची थी. पुलिस टीम में सांकरा चौकी इंचार्ज नीलेश,  एसआई हरिकेश यादव,  दो महिला सिपाही समेत 12 से 14 पुलिसकर्मी शामिल थे. पुलिस ने आरोपी जागन को पकड़ भी लिया था, लेकिन गाड़ी में बिठाकर ले जाते वक्त जागन के बेटे और बेटी पहुंच गए. वहीं महिलाओं ने भी विरोध शुरू कर हमला बोल दिया, लाठी-डंडे और रोड लेकर पहुंची महिलाओं से निपट रही पुलिस पर पत्थरों से भी हमला शुरू हो गया.

हमले में दारोगा हरिकेश के सिर में गंभीर चोट आईं हैं. वहीं महिला सिपाही शिवानी और अनीता के भी पत्थर लगे हैं, जिससे उन्हें गुम चोट आई हैं. घायल दारोगा का इलाज फिलहाल छर्रा सीएचसी में चल रहा है. वहीं जानकारी लगते ही पालीमुकीमपुर एसओ और दादों एसओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सभी आरोपी फरार हो गए थे, जिनकी तलाश में देर रात तक पुलिस का ऑपरेशन जारी रहा.

पुलिस के मुताबिक जागन कच्ची शराब बनाकर बेचता था, उसकी पालीमुकीमपुर थाने के बबरौतिया भरनैरा गांव में शराब की भट्टियां थी, जहां रोजाना 400 लीटर शराब बनती थी. कच्ची शराब को अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाता था. दो माह पहले ही छापा मारकर 250 लीटर कच्ची शराब जब्त की गई थी. मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी, मगर जागन और उसका बेटा फरार हो गए थे.

वहीं, अब पुलिस टीम पर हमले के बाद जागन की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है. एसपी देहात अतुल शर्मा ने बताया कि 5 थानों की टीम गठित कर दबिश दी जा रही है. गुरुवार रात पुलिस टीम पर हमले के मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है, बाकियों की तलाश की जा रही है.

उधर, सांकरा गांव के प्रधान ब्रजेश यादव ने बताया कि जागन का परिवार किसी से मतलब नहीं रखता है. पूरा गांव उनसे परेशान है. कुछ लोगों ने जागन की तुलना कानपुर के कुख्यात विकास दुबे से भी की है.