मैनपुरी में छात्रा की मौत मामले में हाईकोर्ट का DGP को आदेश, दो महीनों के भीतर पूरी कराएं जांच

डीजीपी मुकुल गोयल ने घटना में लापरवाही बरतने वाले दो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई और तत्कालीन एसपी मैनपुरी के खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश की जानकारी दी. वहीं, कोर्ट ने दो महीने के अंदर जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं.

मैनपुरी में छात्रा की मौत मामले में हाईकोर्ट का DGP को आदेश, दो महीनों के भीतर पूरी कराएं जांच

मो. गुफरान/प्रयागराज: मैनपुरी के जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रा की संदिग्ध परस्थितियों में हुई मौत के मामले में डीजीपी यूपी मुकुल गोयल गुरुवार को फिर से हाईकोर्ट में पेश हुए. डीजीपी मुकुल गोयल ने घटना में लापरवाही बरतने वाले दो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई और तत्कालीन एसपी मैनपुरी के खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश की जानकारी दी. वहीं, कोर्ट ने दो महीने के अंदर जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं.

आरोपियों के खिलाफ जल्द हो कार्रवाई- कोर्ट
कोर्ट ने घटना में नामजद अभियुक्तों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. साथ ही कोर्ट ने कहा की विवेचना की जानकारी समय समय पर कोर्ट को भी उपलब्ध कराई जाए. कोर्ट ने मैनपुरी की में छात्रा की मौत को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कल सवाल खड़ा किया था. गुरुवार को कोर्ट ने डीजीपी को एक सर्कुलर जारी करने का निर्देश दिया है. जिसमें साफतौर पर कहा है कि पुलिस को प्रशिक्षण देने की जरूरत है.

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कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा की अधिकांश विवेचना कांस्टेबल करता है, जिम्मेदार पुलिसकर्मी कभी कभार ही विवेचना को देखते हैं. कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष विवेचना न होने से सजा का रेट 6.5 फीसदी है. जबकि विदेशों में 85 फीसदी अपराध पर सजा का डर है, जो यह बताने के लिए काफी है कि हमारे यहां पर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए समय रहते जरूरी कार्रवाई नहीं की जाती है. 

क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है की मैनपुरी के जवाहर नवोदय विद्यालय की 16 वर्षीय छात्रा का शव फांसी के फंदे पर लटकता मिला था. मृतका के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव को फांसी के फंदे पर लटकाए जाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी. घटना साल 2019 की है, बावजूद अभी तक नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं हुई है. 

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गठित की गई नई एसआईटी, एएसपी-सीओ किए गए निलंबित- डीजीपी
तत्कालीन पुलिस महकमे के आला अधिकारियों को लेकर भी कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की थी. पहले से गठित एसआईटी की जांच पूरी नहीं होने पर भी नाराजगी जताई थी. हालांकि, आज कोर्ट में पेश हुए डीजीपी मुकुल गोयल ने कहा की नई एसआईटी गठित कर दी गई है. तत्कालीन एएसपी ओमप्रकाश सिंह और सीओ प्रयांक जैन को निलंबित करने की जानकारी दी. साथ तत्कालीन एसपी मैनपुरी के खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. 

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