महंत नरेंद्र गिरी के शिष्‍य आनंद गिरी का आश्रम सील, प्रशासन ने दूसरी बार की कार्रवाई, जानें वजह

आनंद गिरी का श्‍यामपुर कांगड़ी इलाके के गाजीवाला में गंगा किनारे एक आश्रम है. आरोप है कि इसका निर्माण बिना नक्शा पास कराए मानकों के विपरीत बनाया गया है. 

महंत नरेंद्र गिरी के शिष्‍य आनंद गिरी का आश्रम सील, प्रशासन ने दूसरी बार की कार्रवाई, जानें वजह
आनंद गिरी का आश्रम हुआ सील.

हरिद्वार: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्‍यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की मौत मामले में गिरफ्तार किए गए उनके शिष्‍य आनंद गिरी के आश्रम को एक बार फिर सील कर दिया गया है. यह आश्रम उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार में स्थित है. हरिद्वार-ऋषिकेश विकास प्राधिकरण की टीम ने यह कार्रवाई की है. 

सील तोड़कर शुरू किया गया था काम 
आपको बता दें कि आनंद गिरी का श्‍यामपुर कांगड़ी इलाके के गाजीवाला में गंगा किनारे एक आश्रम है. आरोप है कि इसका निर्माण बिना नक्शा पास कराए मानकों के विपरीत बनाया गया है. इसको देखते हुए एचआरडीए ने13 मई को उनके निर्माणाधीन आश्रम को सील कर दिया था. हालांकि, कुछ दिनों बाद आनंद गिरी ने सील को तोड़कर फिर से आश्रम में कार्य शुरू कर दिया था. 

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जेई को भेजा गया कारण बताओ नोटिस 
वहीं, महंत नरेंद्र गिरी की मौत के मामले में गिरफ्तार होने के बाद प्रशासन ने एक बार फिर अवैध निर्माण मामले में एक्शन लिया. बुधवार को श्यामपुर क्षेत्र के जेई को कारण बताओ नोटिस भी भेजा गया. उनसे जवाब मांगा गया कि जब आश्रम सील था, तो दोबारा किसके निर्देश पर खुला. डीएम ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं. 

14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल 
बता दें कि जब 20 सितंबर को महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी, उस समय आनंद गिरी इसी आश्रम में मौजूद थे. वहीं, सुसाइड नोट में नाम आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस उन्हें यही से हिरासत में लेकर प्रयागराज गई थी. वहीं, आज प्रयागराज में आनंद गिरी और लेटे हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी आद्या तिवारी की पेशी थी. दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. 

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