लखीमपुर खीरी हिंसा में गोली चली थी या नहीं? जांच के लिए लैब भेजे गए आशीष और अंकित के असलहे
X

लखीमपुर खीरी हिंसा में गोली चली थी या नहीं? जांच के लिए लैब भेजे गए आशीष और अंकित के असलहे

लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच में हथियारों की बैलिस्टिक रिपोर्ट काफी अहम होने वाली है. इस घटना में हुई 8 मौतों में किसी की भी जान गोली लगने से नहीं गई, यह बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्ट हुई है. 

लखीमपुर खीरी हिंसा में गोली चली थी या नहीं? जांच के लिए लैब भेजे गए आशीष और अंकित के असलहे

लखनऊ: लखीमपुर खीरी हिंसा में चल रही एसआइटी जांच (Lakhimpur Kheri Violence SIT Probe) अब अपने एडवांस स्टेज में पहुंच गई है. इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई (Central Bureau of Investigation) अलग जांच कर रही है. एसआइटी टीम अंकित दास और उसके पर्सनल गनर लतीफ को लेकर लखनऊ के हुसैनगंज स्थित अपार्टमेंट के फ्लैट में पहुंची. एसआइटी (Special Investigation Team) ने इस फ्लैट से कुछ हथियार बरामद किए हैं. 

बताया जा रहा है कि इनमें दो हथियार केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्रा उर्फ मोनू (Aashish Mishra aka Monu)  का है और दो ​असलहा पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के बेटे अंकित दास (Ankit Das) का है. एसआइटी ने इन हथियारों को यह पता करने के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा है, कि इनसे हाल फिलहाल में गोली चली है या नहीं. फॉरेंसिक साइंस की भाषा में इस जांच को बैलिस्टिक रिपोर्ट (Ballistic Report) कहते हैं.

एक बार फिर उत्तराखंड आ रहे PM Modi, राज्य में उत्साह, लेकिन इस बात से घबरा रही कांग्रेस!

लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच में हथियारों की बैलिस्टिक रिपोर्ट काफी अहम होने वाली है. इस घटना में हुई 8 मौतों में किसी की भी जान गोली लगने से नहीं गई, यह बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्ट हुई है. अब हथियारों की बैलिस्टिक रिपोर्ट आने पर स्थिति और साफ हो जाएगी. गौरतलब है कि 3 अक्टूबर को लखीमपुर ​खीरी जिले के तिकुनिया में हुई हिंसा में आशीष मिश्रा और अंकित दास पर फायरिंग करने के आरोप लगे हैं. 

प्रयागराज की पथरचट्टी रामलीला: डबल स्टोरी स्टेज पर होता है मंचन, हवा में यूं उड़ते हैं किरदार

आरोप है कि हिंसा भड़की तो आशीष और अंकित ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई. हिंसा की इस वारदात में चार किसानों और एक पत्रकार समेत कुल आठ लोगों की जान गई थी. मृतकों में दो भाजपा कार्यकर्ता और ​केंद्रीय मंत्री का ड्राइवर शामिल हैं. प्रदर्शनकारी किसानों पर इन तीनों की पीट पीटकर हत्या करने का आरोप है. फिलहाल इस मामले में सीबीआई की जांच शुरुआत स्टेज में है. 

Crime News: सपने में पड़ोसी युवक ने की थी पिटाई, सुबह होते ही धारदार हथियार से हमला कर लिया बदला

वहीं राज्य सरकार की ओर से गठित एसआइटी ने इस मामले में मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू और पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के बेटे अंकित दास को तीन दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की है. एसआइटी की एक टीम 15 अक्टूबर को भी अंकित दास और लतीफ उर्फ काले को लेकर लखनऊ पहुंची थी. चारों आरोपियों को लेकर एसआइटी तिकुनिया घटना स्थल भी पहुंची थी और सीन रिक्रिएट किया था.

WATCH LIVE TV

Trending news