विदेशी आसमान में उड़ेगा भारत में बना डोर्नियर विमान, HAL और मॉरीशस सरकार के बीच हुआ करार
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विदेशी आसमान में उड़ेगा भारत में बना डोर्नियर विमान, HAL और मॉरीशस सरकार के बीच हुआ करार

एचएएल ने पिछले महीने ही डोर्नियर के सिविल वर्जन को बाजार में उतारा था. इसके लिए डीजीसीए (डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन) ने भी अनुमति लाइसेंस जारी कर दिया था. मॉरीशस सरकार की ओर से 19 सीटर इस विमान की मांग की गई थी. 

विदेशी आसमान में उड़ेगा भारत में बना डोर्नियर विमान, HAL और मॉरीशस सरकार के बीच हुआ करार

कानपुर: भारत डिफेंस इक्विपमेंट्स और एयरोनॉटिकल टेक्नॉलजी में न सिर्फ आत्मनिर्भर बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है बल्कि इनका निर्यात भी करने जा रहा है. भारतीय तकनीक का डंका अब विदेशी धरती पर भी बजने लगा है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का पहला मेड इन इंडिया विमान बहुत जल्द मॉरीशस के आसमान में उड़ान भरने जा रहा है. इसके लिए मॉरीशस सरकार और एचएएल के बीच करार हो गया है.

भारतीय तकनीक का विदेशों में बजने लगा डंका
एचएएल अब डोर्नियर विमान का सिविल वर्जन बहुत जल्द मॉरीशस सरकार को देगा. भारतीय उच्चायुक्त और मॉरीशस के विदेश मंत्री के बीच हुई मुलाकात में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं. एचएएल ने पिछले महीने ही डोर्नियर के सिविल वर्जन को बाजार में उतारा था. इसके लिए डीजीसीए (डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन) ने भी अनुमति लाइसेंस जारी कर दिया था. मॉरीशस सरकार की ओर से 19 सीटर इस विमान की मांग की गई थी. 

HAL की कानपुर फैसिलिटी में बनते हैं डोर्नियर
इसी क्रम में एचएएल कानपुर टीएडी (Transport Aircraft Division of Hindustan Aeronautics Limited, Kanpur Division) TAD के महाप्रबंधक अपूर्व राय और ओम कुमार दबीदिन, गृह मंत्रालय सचिव व मॉरीशस  सरकार के बीच 10 सितंबर को डोर्नियर की आपूर्ति के लिए समझौता हुआ था. मॉरीशस में भारतीय उच्चायुक्त नंदिनी के सिंगला और मॉरीशस के विदेश मंत्री एलन गानू ने सभी औपचारिकताएं पूरी कीं. 

पहले भी मॉरीशस को भारत से 3 विमान मिले हैं
एचएएल अधिकारियों के मुताबिक मॉरीशस सरकार को तीन डीओ-228 वायुयानों (Dornier 228- Short Take Off and Landing) की आपूर्ति की जा चुकी है. पहला डीओ वायुयान एमपीसीजी-एक की आपूर्ति 1990 में की गई थी. वर्ष 2004 में दूसरा विमान एमपीसीजी-तीन और वर्ष 2016 में तीसरा विमान एमपीसीजी-चार की आपूर्ति की गई थी.

अपनी कैटेगरी में अत्याधुनिक है डोर्नियर विमान 
डोर्नियर पहला मेड इन इंडिया वायुयान है जो अपनी कैटेगरी में आधुनिक है. एचएएल अब तक ऐसे 150 विमान बना चुका है, जिन्हें प्रयोग किया जा रहा है. यह 19 सीटर मल्टीरोल यूटिलिटी वायुयान है, जिसका प्रयोग वीआइपी और यात्री परिवहन, एयर एंबुलेंस, फ्लाइट इंस्पेक्शन रोल, क्लाउड सीडिंग, पैरापिंग, हवाई निगरानी, फोटोग्राफी और कार्गो एप्लीकेशन के लिए किया जा सकता है.

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