फर्रुखाबाद में डिजिटल होंगी आंगनबाड़ी, पोषण ट्रैकर एप से होगी बच्चों की जानकारी

अब आंगनबाड़ी को भी विद्यालय में जाकर बच्चों का एक-एक डाटा एप पर दर्ज करना होगा. अगर वह डाटा फीड नहीं कर पाएंगी तो उस का बढ़ा हुआ मानदेय सरकार नहीं भेजेगी.

फर्रुखाबाद में डिजिटल होंगी आंगनबाड़ी, पोषण ट्रैकर एप से होगी बच्चों की जानकारी

अरुण सिंह/फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की एक कार्यशाला का शुभारंभ किया गया, जिसमें कार्यकत्रियों को पोषण ट्रैकर एप की जानकारी दी गई. इस ऐप के जरिए आंगनबाड़ी कार्यकत्री को भी विद्यालय में जाकर अपनी हाजिरी के साथ-साथ बच्चों का पूरा डाटा फीड करना होगा. साथ ही उन बच्चों के माता-पिताओं के मोबाइल नंबर को भी फीड करने होंगे. क्योंकि बच्चों का पोषण अब सीधे सरकार उन्हीं को देगी जिन बच्चों का पोषण ट्रैकर ऐप के जरिए नाम गया होगा.

वहीं, अब आंगनबाड़ी को भी विद्यालय में जाकर बच्चों का एक-एक डाटा एप पर दर्ज करना होगा. अगर वह डाटा फीड नहीं कर पाएंगी तो उस का बढ़ा हुआ मानदेय सरकार नहीं भेजेगी. सरकार ने इस ऐप को शुरू कर के बच्चों की व्यवस्थाओं में सुधार लाने का काम किया है.

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जिले के डेढ़ लाख बच्चे हैं रजिस्टर्ड
बता दें कि फर्रुखाबाद में लगभग डेढ़ लाख बच्चे आंगनबाड़ी सेंटर पर रजिस्टर्ड है. इन बच्चों का पोषण को लेकर सरकार का अभियान भी सफल हो सकेगा. साथ ही पोषण वाटिका भी बनाई जा रही है. यहां पर बच्चों को पेड़ पौधों के साथ-साथ प्रकृति के साथ जोड़ने का भी काम किया जाएगा. साथ ही अब सरकार सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक स्मार्टफोन भी देने जा रही है जिसके जरिए सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर अब सरकार की सीधी नजर होगी.

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आंगनबाड़ी कर्मियों पर सरकार रखेगी सीधे नजर 
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि पोषण ट्रैकिंग ऐप के जरिए अब आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर सरकार सीधे नजर रखेगी, जो काम करेगा उसी को वेतन दिया जाएगा. साथ ही बच्चों का डाटा आंगनबाड़ी कार्यकर्ती को उस ऐप में फीड करना होगा जितने बच्चों का डाटा सत्यापित होकर जाएगा. 

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