कानपुर सिख विरोधी दंगा : एसआईटी की जांच में 11 मामलों में 67 आरोपी चिह्नित, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी
X

कानपुर सिख विरोधी दंगा : एसआईटी की जांच में 11 मामलों में 67 आरोपी चिह्नित, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी

एसआईटी ने पुनः विवेचना वाले 11 मामलों में अब तक 67 आरोपित चिन्हित किये गए हैं. एसआईटी ने शासन को इन नामों की सूची दे दी है, आदेश मिलते ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी. हालांकि अफसरों का मानना है कि चिन्हित आरोपियों में से सिर्फ 45 ही गिरफ्तारी के लायक हैं. 

कानपुर सिख विरोधी दंगा : एसआईटी की जांच में 11 मामलों में 67 आरोपी चिह्नित, जल्द हो सकती है गिरफ्तारी

श्याम तिवारी/कानपुर: पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद शहर में हुए दंगों को लेकर एसआईटी ने पुनः विवेचना वाले 11 मामलों में अब तक 67 आरोपित चिन्हित किये गए हैं. एसआईटी ने शासन को इन नामों की सूची दे दी है, आदेश मिलते ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी. हालांकि अफसरों का मानना है कि चिन्हित आरोपियों में से सिर्फ 45 ही गिरफ्तारी के लायक हैं. जिनमें कुछ नामचीन लोग और जनप्रतिनिधि भी है. 

एसआईटी ने पीड़ित परिवारों के दर्ज किए थे बयान 
कानपुर में हुए दंगों में 127 सिखों की हत्या हुई थी. उस दौरान कानपुर नगर में हत्या लूट और हत्या की धाराओं में 40 मुकदमे दर्ज हुए थे. पुलिस ने इनमें से 29 मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी. 27 मई 2019 को इस मामले में प्रदेश सरकार ने एसआईटी की टीम गठित की थी. एसआईटी ने विभिन्न राज्यों में रह रहे पीड़ित परिवारों के लोगों से मिलकर बयान दर्ज किए और अभिलेख तलाशे हैं. 

शासन को भेजी गई रिपोर्ट, अनुमति मिलने पर होगी गिरफ्तारी- SIT एसपी
एसआईटी एसपी बालेंदु भूषण ने बताया कि फाइनल रिपोर्ट लगे 20 मुकदमों को अग्रिम विवेचना के लायक माना गया है और जांच शुरू की गई है. जिसमें से 11 की विवेचना नए मामले में 146 दंगाई चिन्हित किये गए हैं. लेकिन इनमें से 79 की पूर्व में ही मृत्यु हो चुकी है. ऐसे में जीवित बचे दंगाइयों की संख्या 67 रह गई है. इसमें से भी 20- 22 आरोपित ऐसे है, जिनकी आयु 75 वर्ष से ज्यादा है या गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं. वहीं, गिरफ्तारी के सवाल पर उनका कहना है की शासन को रिपोर्ट दी है. अनुमति मिलने के बाद गिरफ्तारी की जाएगी.

पीड़ित परिवारों ने की गिरफ्तारी की मांग 
वहीं, 1984 के दंगों में पीड़ित परिवार का कहना है कि वो मंजर बहुत ज्यादा खतरनाक था. पीड़ित परिवारों को सरकार द्वारा मदद दी गई थी. मगर मगर कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो जिनको अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है. इस सरकार ने एसआईटी बनाकर जांच की है. उम्मीद यही है कि जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाएगी.

WATCH LIVE TV

 

Trending news