मनीष गुप्ता केस: हत्यारोपियों की धरपकड़ का सिलसिला खत्म, आखिरी फरार आरोपी SI विजय यादव भी गिरफ्तार
X

मनीष गुप्ता केस: हत्यारोपियों की धरपकड़ का सिलसिला खत्म, आखिरी फरार आरोपी SI विजय यादव भी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में आरोपी दारोगा विजय यादव को गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया है. बता दें कि सभी 6 हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. 

मनीष गुप्ता केस: हत्यारोपियों की धरपकड़ का सिलसिला खत्म, आखिरी फरार आरोपी SI विजय यादव भी गिरफ्तार

गोरखपुर: मनीष गुप्ता हत्याकांड में एसआइटी और गोरखपुर पुलिस के लिए चुनौती बने आखिरी हत्यारोपित की गिरफ्तारी हो गई है. पुलिस ने एक लाख के इनामी SI विजय यादव को गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया. इसके साथ ही फरार आरोपियों की धरपकड़ का ये सिलसिला खत्म हो गया है. बता दें कि बाकी 5 आरोपी पहले ही अलग-अलग जगहों से पकड़े जा चुके हैं. बता दें कि विजय यादव जौनपुर जिले का रहने वाला है.

कब किसकी हुई गिरफ्तारी 
इसके पहले मामले में 5 गिरफ्तारी हो चुकी है. जिसमें आरोपी हेड कांस्टेबल कमलेश यादव को पुलिस ने 13 अक्टूबर को गोरखपुर से गिरफ्तार किया था. मंगलवार (12 अक्टूबर) को SI राहुल दुबे और सिपाही प्रशांत कुमार की भी गिरफ्तारी हो चुकी है. वहीं, बीते रविवार (10 अक्टूबर) को इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह और SI अक्षय कुमार मिश्रा को पकड़ा गया था. जानकारी के मुताबिक, ये सभी आरोपी पुलिसकर्मी कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में थे, लेकिन इससे पहले ही इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. 

ये भी पढ़ें-  मुजफ्फरनगर: युवक के आंख से निकल रहे हैं कंकड़, डॉक्टर ने पहले नहीं मानी बात, फिर देखकर रह गए हैरान

पुलिस ने फोटो जारी कर जनता से मांगी थी मदद
आपको बता दें कि कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने फरार पुलिसकर्मियों की फोटो जारी कर जनता से उन्हें पकड़वाने के लिए मदद मांगी थी. फोटो और एक लाख  इनाम की राशि घोषित करने के साथ ही पुलिस ने सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखने और उसकी सुरक्षा का पूरा जिम्मा लिया. सभी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा अपराध संख्या 391/21 IPC की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. इस मुकदमे में सभी छह पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं. 

क्या है पूरा मामला?
कानपुर के जनता नगर (बर्रा) निवासी प्रॉपर्टी डीलर मनीष सोमवार सुबह अपने साथियों हरवीर सिंह और प्रदीप के साथ 27 सिंतबर को कार से गोरखपुर पहुंचे थे. तीनों यहां कृष्णा पैलेस होटल में रुके. मनीष के परिजनों का आरोप है कि सोमवार रात करीब 12:15 बजे पुलिस होटल में चेकिंग करने पहुंची और लोगों से आईडी प्रूफ दिखाने को कहा. मनीष और पुलिसकर्मियों में बहस हुई. पुलिस वालों ने मनीष को मारा, जिससे उनकी मौत हो गई. 

ये भी पढ़ें- धर्मांतरण मामला: ATS के पास 150 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग के साक्ष्य, अमेरिका-दुबई समेत इन देशों से आ रहा था पैसा 

WATCH LIVE TV

Trending news