पंजाब में नए CM की नियुक्ति को मायावती ने बताया कांग्रेस का चुनावी हथकंडा, दलितों को दी नसीहत

कांग्रेस पार्टी ने चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का नया मुख्यमंत्री बनाया है. वह पंजाब के राजनीतिक इतिहास में अनुसूचित वर्ग से आने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं. बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस के इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. 

पंजाब में नए CM की नियुक्ति को मायावती ने बताया कांग्रेस का चुनावी हथकंडा, दलितों को दी नसीहत
बसपा प्रमुख मायावती, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी.

लखनऊ: कांग्रेस पार्टी ने चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjeet Singh Channi) को पंजाब का नया मुख्यमंत्री बनाया है. वह पंजाब के राजनीतिक इतिहास में अनुसूचित वर्ग से आने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं. राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा इस फैसले को आगामी विधानसभा चुनाव (Punjab Assembly Election 2022) में एससी वर्ग के मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए कांग्रेस की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. अकाली दल ने पहले ही बसपा (SAD-BSP Alliance in Punjab) के साथ गठबंधन कर पंजाब के 40 फीसदी एसपी मतदाताओं को साधने की रणनीति तैयार कर ली है. कांग्रेस और शिअद-बसपा गठबंधन को आम आदमी पार्टी से भी कड़ी चुनौती मिल रही है. 

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पंजाब में कांग्रेस का चुनावी हथकंडा
बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati) ने कांग्रेस के इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. मायावती ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाना सिर्फ कांग्रेस का चुनावी हथकंडा है. कांग्रेस ने दिखावे के लिए पंजाब में दलित को सीएम बनाया है. चुनाव के छह महीने पहले ही कांग्रेस को दलित क्यों याद आए? पंजाब के दलित कांग्रेस के बहकावे में आने वाले नहीं हैं. कांग्रेस ने चुनावी लाभ लेने के लिए यह निर्णय लिया है. कांग्रेस को दलितों पर भरोसा नहीं है. उन्हें मुसीबत में ही दलितों की याद आती है. 

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नेहरू एंड कम्पनी पर किया कटाक्ष
मायावती ने कहा कि पंजाब के लोगों को कांग्रेस से सावधान रहना चाहिए. बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि देश की आजादी के बाद कांग्रेस और नेहरू एंड कम्पनी के पास बाबा साहेब से ज्यादा काबिल व्यक्ति होता तो वे इस तरह का संविधान बनने ना देते. बाबा साहेब आंबेडकर के कारण ही देश के दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को कानूनी अधिकार मिले हैं. देश के अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं. यदि बाबा साहेब से काबिल व्यक्ति नेहरू एंड कम्पनी के पास होता तो वे उन्हें संविधान बनाने की प्रक्रिया में शामिल नहीं करते और वंचितों-शोषितों को उनका अधिकार नहीं मिलता.

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काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती
मायावती ने सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से कुछ समय पहले ओबीसी समाज के प्रति भाजपा प्रेम दिखा रही है. ओबीसी के प्रति ईमानदारी होती तो जातिगत जनगणना को स्वीकार कर लेते. जातिगत जनगणना से घबरा रहे हैं. दलित और अति पिछड़े किसी के बहकावे में नही आएंगे, क्योकि इन्हें जो मिला वह बाबा साहब आंबेडकर की वजह से मिला है. इनका नाटक चलने वाला नहीं है. मुझे पूरा भरोसा है कि देश और यूपी के दलित, आदिवासी, अन्य पिछड़े वर्ग के लोग भाजपा, कांग्रेस या अन्य पार्टियों के झांसे में नहीं आएंगे. काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती.

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