यूपी में एक दिन की अफसर बनीं बेटियां: कुर्सी पर बैठकर सुनीं समस्याएं, ताबड़तोड़ कई केसों का निपटारा
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यूपी में एक दिन की अफसर बनीं बेटियां: कुर्सी पर बैठकर सुनीं समस्याएं, ताबड़तोड़ कई केसों का निपटारा

Mission Shakti: प्रदेश के कई जिलों में छात्राओं को एक दिन का अफसर बनाया गया. कहीं उन्हें डीएम, एसडीएम की जिम्मेदारी दी गई तो कहीं पुलिस कोतवाल बनाकर सशक्तिकरण का सम्मान दिया गया. छात्राओं ने लोगों की समस्याएं सुनीं और जांच करके कार्रवाई के आदेश तक दिए. 

यूपी में एक दिन की अफसर बनीं बेटियां: कुर्सी पर बैठकर सुनीं समस्याएं, ताबड़तोड़ कई केसों का निपटारा

अमित अग्रवाल.बदायूं/शिवकुमार.शाहजहांपुर/मोहित गोमत.बुलंदशहर: मिशन शक्ति (Mission Shakti) के तहत पुलिस (UP Police) की पहल पर प्रदेश के कई जिलों में छात्राओं को  एक दिन का अफसर बनाया गया. कहीं उन्हें डीएम, एसडीएम की जिम्मेदारी दी गई तो कहीं पुलिस कोतवाल बनाकर सशक्तिकरण का सम्मान दिया गया. छात्राओं ने लोगों की समस्याएं सुनीं और जांच करके कार्रवाई के आदेश तक दिए. 

बदायूं में पलक बनी कोतवाल 
कंधे पर भले ही उत्तर प्रदेश पुलिस के स्टार और बदन पर खाकी वर्दी ना हो लेकिन उसके बाद भी कुछ लोगों में सेवा का जज्बा कम नहीं होता. बदायूं में पलक वर्मा को जब 1 दिन के लिए महिला कोतवाल की कुर्सी दी गई तो उन्होंने ताबड़तोड़ कई सारे केसों का निपटारा किया. जिसको देखकर हर कोई यह कहने पर मजबूर हो गया कि बेटियां भी किसी से कम नहीं होती. 
महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम में गिन्दो देवी डिग्री कॉलेज की छात्रा पलक वर्मा को जब 1 दिन के लिए कोतवाल बनाया गया तो उसने यह कोतवाल की ही भांति कुर्सी को संभाला और आने वाले फरियादियों की समस्याओं को सुना. उसने 1 घंटे के अंदर कई केसों को सुनकर उसका निपटारा भी किया. 

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पलक वर्मा ने बताया कि जब उसको कोतवाल की कुर्सी दी गई तो शुरू में उसको थोड़ा था असहज महसूस हुआ, लेकिन उसके बाद उसने जब सारी चीजों को समझ लिया तो उसे केसों का निपटारा करने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत और समस्या नहीं आई. उसने बताया कि ज्यादातर जो मामले सामने आए वह दहेज उत्पीड़न से जुड़े हुए थे. 
एक मामले का जिक्र करते हुए उसने बताया की एक महिला की शादी 5 साल पहले हुई थी और उसके ससुराल के लोग उससे दहेज मांग रहे थे. जब उससे पूछा गया कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है या नहीं तो पीड़िता ने बताया कि उसके ससुराल के लोग दहेज की मांग करते हैं, अगर उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर दी जाए तो वह अपने पति के साथ रहने को तैयार है. 1 दिन की इस कोतवाल ने मामले में तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की. छात्रा की कार्यप्रणाली से हर कोई यह कहने को मजबूर हो गया कि जरूरी नहीं बदन पर खाकी वर्दी और कंधे पर स्टार हों तभी सेवा की जा सकती है, बल्कि बिना वर्दी के भी समाज की सेवा की जा सकती है. आने वाले समय में यही बेटियां देश के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएंगी. 

शाहजहांपुर में अवंतिका को थानाध्यक्ष की कुर्सी 
शाहजहांपुर पुलिस ने स्कूली छात्रा को 1 दिन का थानाध्यक्ष बनाया. जलालाबाद कोतवाली में अवंतिका शर्मा को सम्मान के साथ थाने बुलाया और उन्हें 1 दिन का थानाध्यक्ष बनने का चार्ज दिया. कुर्सी पर बैठते ही सभी पुलिस कर्मियों ने सबसे पहले 1 दिन के थानाध्यक्ष को सैल्यूट मारा. इसके बाद छात्रा ने थाने में आने वाले सभी फरियादियों की शिकायतें सुनी. शिकायतों को गहनता से पढ़ा और जांच के बाद कार्रवाई के आदेश दिए. छात्रा का कहना है कि पुलिस की एक यह सराहनीय पहल है. जिससे लड़कियों और महिलाओं में सम्मान और शक्ति की भावना पैदा होती है. वहीं, उस थाने में पदस्थ कोतवाल का कहना है कि इस तरह के प्रयासों से छात्राओं में पुलिस के सकारात्मक नजरिया बनेगा. इसके अलावा आगे ऐसी ही छात्राएं पुलिस में शामिल होकर पुलिस अधिकारी बनती हैं. 

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बुलंदशहर में कोमल को डीएम तो गुनगुन को एसडीएम की जिम्मेदारी
मिशन शक्ति के अंतर्गत कोमल कुमारी को एक दिन की जिलाधिकारी बनाया गया. वहीं, गुनगुन को एक दिन की उपजिलाधिकारी को नियुक्त किया गया. दोनों छात्राओं ने लोगों की फरियाद सुनी और समस्या के समाधान के निर्देश दिए. अधिकारियों ने साथ मौजूद रहकर छात्राओं को जिलाधिकारी के दायित्व समझाए. दोनों छात्राएं भविष्य में प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं. 

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कानपुर में जेनब बनी एसीपी
कानपुर में मिशन शक्ति केतहत अलग-अलग थानों में कई छात्राओं को एक दिन का प्रभारी बनाया गया. वहीं पीपीएन कॉलेज की छात्रा को कर्नलगंज सर्किल के एसीपी का चार्ज दिया गया. इंटर की छात्रा कुमारी जेनब को कर्नलगंज का एसीपी बनाया गया. इस दौरान छात्रा को पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया. वहीं, छात्रा ने शिकायत लेकर आए फरियादियों की शिकायतें भी सुनीं. 

जालौन में 21 लड़कियों को कई विभागों में बनाया गया अधिकारी
मिशन शक्ति के तहत आज जिले की 21 बालिकाओं को डीएम के साथ कई विभागों का एक दिन का अधिकारी नियुक्त किया. जिसमें बालिकाओं ने आने वाले फरियादियों को सलाह दी और मामले में तुरंत न्याय देने की बात कही. डीएम की कुर्सी संभाले इंटरमीडिएट की छात्रा निशा ने कहा कि सरकार महिलाओं को लेकर कोई लापरवाही बरतनी नहीं चाहती. महिलाओं को न्याय मिल सके इसलिए सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी. वहीं, दूसरी छात्रा को सीडीओ और प्रोबेशन अधिकारी बनाया गया, जिसमें छात्राओं ने कहा कि समाज मे महिलाओं के भेदभाव को मिटाना होगा.  एक दिन के कार्यकाल के बाद जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए उनको कॉपी, किताबें दी और साथ ही पुरस्कार दिया. 

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