नोएडा डीएम Suhas LY के बैडमिंटन रैकेट को बनाएं अपना, ऑनलाइन बिडिंग के लिए इस वेबसाइट पर करें लॉग-इन
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नोएडा डीएम Suhas LY के बैडमिंटन रैकेट को बनाएं अपना, ऑनलाइन बिडिंग के लिए इस वेबसाइट पर करें लॉग-इन

सुहास एलवाई का जन्म कर्नाटक के शिमोगा में हुआ. जन्म से ही दिव्यांग सुहास शुरुआत में IAS नहीं बनना चाहते थे. वह बचपन से ही खेल के प्रति बेहद दिलचस्पी रखते थे. इसके लिए उन्हें पिता और परिवार का भरपूर साथ मिला...

नोएडा डीएम Suhas LY के बैडमिंटन रैकेट को बनाएं अपना, ऑनलाइन बिडिंग के लिए इस वेबसाइट पर करें लॉग-इन

नई दिल्ली: जो पिछले 56 साल के इतिहास में कभी नहीं हुआ, वह कर दिखाया सुहास एल यथिराज ने. तभी पूरे देश के दिल से आवाज आई- 'शुक्रिया सुहास'. टोक्यो पैरालिंपिक में नोएडा के डीएम  सुहास एल यथिराज ने बैडमिंटन की मेंस सिंगल्स प्रतियोगिता में ना केवल सिल्वर मेडल जीता, बल्कि इतिहास भी रच दिया. अभी तक के पैरालिंपिक खेलों में एक प्रशासनिक अधिकारी का यह सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था. वह पदक जीतने वाले देश के पहले आईएएस बन गए.

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सिल्वर मेडल लाकर देश का नाम किया रोशन
टोक्यो पैरालिंपिक में मेंस सिंगल्स एसएल-4 कैटेगरी में सुहास एल यथिराज का सामना फ्रांस के लुकास मजूर से हुआ था. फाइनल मुकाबले में सुहास ने पहला राउंड जीत लिया था, लेकिन अगले दो राउंड में उनको हार मिली और वे गोल्ड मेडल से चूक गए, लेकिन उन्होंने गर्व के साथ पोडियम पर रजत पदक पहन कर भारत को गौरवान्वित किया.

पीएम ने ट्वीट कर दी थी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुहास एल यथिराज को ट्वीट के जरिये बधाई देते हुए कहा, "सेवा और खेल का एक शानदार संगम! डीएम गौतमबुद्ध नगर सुहास यतिराज ने अपने असाधारण खेल प्रदर्शन से हमारे पूरे देश की कल्पना पर कब्जा कर लिया है. बैडमिंटन में रजत पदक जीतने पर उन्हें बधाई. उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं."

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बचपन से खेल के प्रति दिलचस्पी
सुहास एलवाई का जन्म कर्नाटक के शिमोगा में हुआ. जन्म से ही दिव्यांग सुहास शुरुआत में IAS नहीं बनना चाहते थे. वह बचपन से ही खेल के प्रति बेहद दिलचस्पी रखते थे. इसके लिए उन्हें पिता और परिवार का भरपूर साथ मिला. 2007 में उत्तर प्रदेश कैडर से आइएएस बनने के बाद जहां उन्होंने कई विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में देश के लिये मेडल जीते, वहीं प्रयागराज और नोएडा के जिलाधिकारी की भी जिम्मेदारियां निभाईं.

डीएम सुहास एलवाई का रैकेट हो सकता है आपका
जिस बैडमिंटन रैकेट से सुहास ने इतिहास रचा, उसे उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट कर दिया. अब जबकि प्रधानमंत्री को मिले उपहारों का ई-ऑक्शन शुरू हो चुका है. सुहास का बैडमिंटन भी उन वस्तुओं की सूची में शामिल है, जिनका ऑक्शन किया जा रहा है. यह ई-ऑक्शन  17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक चलेगा. सुहास की उपलब्धि की निशानी को आप हासिल कर गौरवान्वित हो सकते हैं. बस www.pmmementos.gov.in पर लॉग-इन कर ई-ऑक्शन में हिस्सा लें. आपके द्वारा मिली राशि का उपयोग नममि गंगे परियोजना में किया जाएगा. ई-ऑक्शन में डीएम सुहास के रैकेट का बेस प्राइज 50 लाख रखा गया है.

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