UP Vidhansabha Chunav 2022: रामपुर मनिहारान सीट 2.5 दशक से हाथी का गढ़, फिर खिला कमल

रामपुर मनिहारान का नाम पहले नागल विधानसभा सीट था. शुरुआत से ही यह सीट अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व्ड रही है. इस सीट पर 1993 तक भाजपा के विधायक रहे...

UP Vidhansabha Chunav 2022: रामपुर मनिहारान सीट 2.5 दशक से हाथी का गढ़, फिर खिला कमल

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर सभी पार्टियां जीत की तैयारी में लग गई हैं. एक ओर भारतीय जनता पार्टी अपनी कुर्सी बरकरार रखने की पुरजोर कोशिश कर रही है तो दूसरी ओर समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस पार्टी भाजपा को कुर्सी से उतार कर अपनी सत्ता बनाने की प्लानिंग में हैं. ऐसे में यूपी का सहारनपुर जिला सभी दलों के लिए जीत में बड़ा भागीदार बन सकता है. बता दें, सहारनपुर में कुल 7 विधानसभा की सीटें हैं और आज हम बात करेंगे छठी सीट- रामपुर मनिहारान की...

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ढाई दशक से था बसपा का गढ़
रामपुर मनिहारान का नाम पहले नागल विधानसभा सीट था. शुरुआत से ही यह सीट अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व्ड रही है. इस सीट पर 1993 तक भाजपा के विधायक रहे. लेकिन फिर साल 1996 के बाद बसपा ने इस सीट पर अपना कब्जा किया जो 2017 तक बरकरार रहा. प्रदेश में किसी भी दल की सरकार आए, लेकिन इस सीट पर बसपा प्रत्याशी ने अपनी जीत लगातार दर्ज की. हालांकि, 2017 में भाजपा ने यहां फिर कमल खिलाया. 1996 में बसपा के इलम सिंह ने इस सीट पर बीजेपी के मामचंद को पराजित किया था, तब से यह सीट बसपा के पास थी. 

चूड़ियां बनाने के लिए फेमस था रामपुर मनिहारान
रामपुर मनिहारान क्षेत्र बेहद पिछड़ा हुआ है. कहा जा सकता है कि इस सीट को हमेशा ही जनप्रतिनिधियों ने इग्नोर किया है. सदियों पहले यहां पर कांच की चूड़ियां बनाई जाती थीं. बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां थीं, किसी भी पावरफुल जनप्रतिनिधि ने भी इसपर ध्यान नहीं दिया, जिस वजह से कारखाने बंद हो गए. 

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हाल यह है कि इन कारखानों में काम करने वाले कुशल कारीगर भी यहां से पलायन कर गए और फैजाबाद के चूड़ी कारखाने में अपनी सेवाएं देने लगे. इसके अलावा, यहां पर खांडसारी उद्योग की भी सैकड़ों इकाइयां थीं. जो उपेक्षा के चलते दशकों पहले बंद गो हई थीं. वहीं, राइस मिल भी इसी वजह से बंद हो गई थी.

जीत का गणित
1991- बीजेपी- मामचंद
1993- बीजेपी- मामचंद
1996- बसपा- इलम सिंह
2002- बसपा- इलम सिंह
2005- उप तचुनाव- बसपा- सत्तो देवी
2007- बसपा- रविंद्र कुमार मोल्हू
2012- बसपा- रविंद्र कुमार मोल्हू
2017- बीजोपी- देवेंद्र कुमार निम

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मतदाता
पुरुष- >160433
महिला- >136552
थर्ड जेंडर- >3
कुल मतदाता- >296988

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