Whatsapp-Telegram जैसे इंस्टेंट मैसेजिंग एप से चैटिंग कर सकेंगे दृष्टिहीन, छात्रों ने बनाया खास सॉफ्टवेयर

कानपुर के जय नारायण विद्या मंदिर के छात्रों ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसके ज़रिये दृष्टिहीन आसानी से इंस्टेंट मैसेजिंग एप के ज़रिये चैटिंग कर सकेंगे.

Whatsapp-Telegram जैसे इंस्टेंट मैसेजिंग एप से चैटिंग कर सकेंगे दृष्टिहीन, छात्रों ने बनाया खास सॉफ्टवेयर
सांकेतिक फोटो.

कानपुर: पूरे विश्व में आज सोशल मीडिया का डंका बज रहा है. यह एक तरह से लोगों की दिनचर्या का एक हिस्सा बन गया है. इसे अगर एक अलग दुनिया कहा जाए तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी. वहीं, इंस्टेंट मैसेजिंग एप जैसे वाट्सएप, टेलीग्राम ने अपनी अलग धाक जमा रखी है. यह लोगों को पर्सनल लाइफ़ से लेकर प्रोफेशनल लाइफ़ तक प्रयोग हो रहा है. कोरोना काल में इसकी महत्ता और अधिक बढ़ गई. लेकिन दृष्टिहीन लोग कहीं न कहीं इनसे अछूते थे.

जिसे देखते हुए कानपुर के जय नारायण विद्या मंदिर के छात्रों ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसके ज़रिये दृष्टिहीन आसानी से इंस्टेंट मैसेजिंग एप के ज़रिये चैटिंग कर सकेंगे. आर्टिफिशियल इंटेलीजेंट पर आधारित इस सॉफ्टवेयर को बारहवीं के छात्र श्रीधर आनंद तिवारी व प्रियांशु उपाध्याय ने बनाया है. उन्होंने इसे अस्सटिव न्यूरल नेटवर्क फ़ॉर ग्रोपिंग हैम्सटर्स ( ANGH) नाम दिया है. यह आम लोगों व दृष्टिहीन लोगों के बीच की दूरी को कम करने काम करेगा. 

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उन्होंने बताया कि पाइथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज ज़रिये इस सॉफ्टवेयर को तैयार किया गया है. इसमें क़रीब 60 साइन लैंग्वेज को फ़ीड किया गया है. इसके लिए आपको कैमरे के सामने साइन लैंग्वेज का इशारा करना होगा. यह उसे टेक्स्ट मैसेज में इंटरप्रेट करेगा और ख़ुद ब ख़ुद वाट्सएप एप खोलकर मैसेज सेंड कर देगा. वहीं, सेंडर की ओर से रिप्लाई आने पर टैक्स्ट को वाइस मैसज में इंटरप्रेट करेगा.

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