सिसोदिया के खुली बहस की चुनौती पर मंत्री का जवाब, सियासत अच्छी बात लेकिन, थोड़ी गंभीरता भी रखें
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सिसोदिया के खुली बहस की चुनौती पर मंत्री का जवाब, सियासत अच्छी बात लेकिन, थोड़ी गंभीरता भी रखें

  दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के पत्र का उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने लेटर लिख कर जवाब दिया है. शहरी विकास मंत्री अपने पत्र में दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का भी जिक्र किया है.

सिसोदिया के खुली बहस की चुनौती पर मंत्री का जवाब, सियासत अच्छी बात लेकिन, थोड़ी गंभीरता भी रखें

देहरादून:  दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के पत्र का उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने लेटर लिख कर जवाब दिया है. शहरी विकास मंत्री अपने पत्र में दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का भी जिक्र किया है. साथ ही उन्होंने कहा कि 7 वर्षों में दिल्ली में कितने स्कूल और कॉलेज विश्वविद्यालय को खोला है उसकी तुलना उत्तराखंड से कर ली जाए तो इसका उत्तर मिल जाएगा. बता दें कि दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रदेश के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को पत्र लिखकर 4 जनवरी को ‘केजरीवाल मॉडल Vs त्रिवेंद्र रावत मॉडल’ पर खुली बहस के लिए निमंत्रण दिया था.

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मजाक के लिए नहीं होनी चाहिए सियासत: मदन कौशिक
दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के पत्र का जवाब देते हुए शहरी विकास मंत्री ने कहा कि दिल्ली में पर्यावरण की कैसी स्थिति है यह किसी से छिपा नहीं है. दिल्ली के कॉलोनियों में केवल 2 घंटे पानी आता है. उन्होंने कहा कि केवल मजाक के लिए सियासत नहीं होनी चाहिए. राजनीति में गंभीरता होना बहुत जरूरी है.

अपने पत्र में मंत्री ने इस बात का भी जिक्र किया है कि जो तारीख निर्धारित की गई है. कथित विकास मॉडल पर चर्चा करने के पत्र पर 1 साल पहले की तारीख उस पत्र पर लिखी गई है. ऐसे में यह बात साफ तौर से झलकती है कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री कितने संजीदा हैं. 4 पेज के पत्र में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कई सवाल भी उठाए हैं.

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दिल्ली में होगी खुली बहस
उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री ने ने कहा कि दिल्ली का जो स्वास्थ्य मॉडल है उससे ही वहां कोरोना पर काबू नहीं पाया जा सका. कोविड-19 का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव दिल्ली में ही रहा. हमारी सरकार ने कोरोना से लेकर स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में काम किया है. साथ ही उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया के चार जनवरी को खुली बहस की तारीख तय करने से कुछ नहीं होता. तारीख वह तय करेंगे और दिल्ली जाकर उत्तराखंड के मॉडल पर खुली बहस करेंगे.

बता दें कि  दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने हाल ही में यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ सिंह को पत्र लिखकर बहस की चुनौती दी थी. उसके बाद सिसोदिया उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री को नए साल की शुभकामना देते हुए एक पत्र लिखा था. उस पत्र के जरिए 6 जनवरी को दिल्ली में खुली बहस के लिए निमंत्रण दिया था. साथ ही उन्होंने कहा था कि मैं दिल्ली के कार्यों पर चर्चा के लिए आपको (मदन कौशिक) 6 जनवरी को दिल्ली आने के लिए निमंत्रित करता हूं, मैं आपको केजरीवाल सरकार द्वारा सरकारी विद्यालय, हॉस्पिटल, बिजली, पानी, महिला सुरक्षा और ईमानदार राजनीति के क्षेत्रों में हुए काम को दिखाऊंगा.

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