उत्तराखंड की सियासत में पड़ा महंगाई का पेट्रोल, पूर्व CM हरीश रावत ने दिया सड़क पर धरना

 पुलिस प्रशासन ने उन्हें राजभवन से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया. ऐसे में हरीश रावत सड़क के बीचो बीच ही धरने पर बैठ गए. उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि या तो उन्हें आगे जाने दिया जाए या फिर हर परिस्थिति में वो यहीं धरने पर बैठे रहेंगे. 

उत्तराखंड की सियासत में पड़ा महंगाई का पेट्रोल, पूर्व CM हरीश रावत ने दिया सड़क पर धरना
गवर्नर हाउस के बाहर सड़क पर धरना देते हरीश रावत

देहरादून: महंगाई के खिलाफ जहां एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को बैलगाड़ी पर सवार होकर अपना विरोध जताया. जिसके बाद समर्थकों सहित उन पर मुकदमा दर्ज हुआ. सरकार की इस कार्रवाई के बाद पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने आज गवर्नर हाउस के बाहर सांकेतिक धरना दिया. वे करीब एक घंटे यहां सांकेतिक धरने पर बैठे रहे. इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी चलती रही. 

पुलिस से भी हरीश रावत की बहस
हालांकि पुलिस प्रशासन ने उन्हें राजभवन से पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया. ऐसे में हरीश रावत सड़क के बीचो बीच ही धरने पर बैठ गए. उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि या तो उन्हें आगे जाने दिया जाए या फिर हर परिस्थिति में वो यहीं धरने पर बैठे रहेंगे. दरअसल कल जिस तरीके से हरीश रावत व उनके समर्थकों पर मुकदमा दर्ज किया गया उसको लेकर हरीश रावत की नाराजगी भी देखने को मिल रही है.

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'BJP सरकार का लोकतंत्र में यकीन नहीं'
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि BJP और BJP सरकारों का लोकतंत्र में यकीन नहीं है. उन्होंने कहा कि महंगाई और लोकतंत्र को लेकर वो लड़ाई लड़ते रहेंगे. हरीश रावत ने प्रसासन और सरकार पर आरोप लगाया कि 'ये लोग मुझे धूप में बिठाकर यह लोग मारना चाहते हैं'. हालांकि बाद में प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को कुछ दूर आगे तक पेड़ की छांव में जाने की इजाजत दे दी. सरकार से नाराज पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि 'सरकार चाहे तो फिर मुकदमा दर्ज कर सकती है.'

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