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उत्तराखंड: NIT को मिला परमानेंट कैंपस, श्रीनगर के सुमाड़ी गांव में हुआ शिलान्यास

राज्यपाल बेबी रानी मोर्य, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने एनआईटी उत्तराखंड के स्थाई परिसर की आधारशिला रखी.

उत्तराखंड: NIT को मिला परमानेंट कैंपस, श्रीनगर के सुमाड़ी गांव में हुआ शिलान्यास
फोटो साभार- ट्वीटर

श्रीनगर: दस सालों के लंबे इंतजार के बाद आज (19 अक्टूबर) को सुमाड़ी (Sumadi) और श्रीनगर (Srinagar) की जनता की एनआईटी उत्तराखंड (NIT Uttarakhand) का स्थाई कैंपस बनाने की मांग पूरी हो गई है. सुमाड़ी गांव में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्री ने एनआईटी उत्तराखंड के स्थाई परिसर का भूमी पूजन किया. जानकारी के मुताबिक, 1 हजार करोड़ की लागत से 310 एकड़ भूमी पर एनआईटी कैंपस का निर्माण किया जाएगा.  

राज्यपाल बेबी रानी मोर्य, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने एनआईटी उत्तराखंड के स्थाई परिसर की आधारशिला रखी. इस अवसर पर कैबीनेट मंत्री सुबोध उनियाल, हरक सिंह रावत, धन सिंह रावत, गढवाल सांसद तीरथ सिंह रावत, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट समेत कई विधायक व बीजेपी के कद्वावर नेता मौजूद रहे. 

दरअसल, साल 2009 मे प्रदेश में एनआईटी के निर्माण को स्वीकृति मिली थी, जिसके लिए सुमाड़ी गांव के ग्रामीणों ने 300 एकड़ से ज्यादा भूमी दान की थी. साल 2014 में तत्कालिन सीएम हरीश रावत भी एनआईटी का शिलान्यास सुमाड़ी में कर चुके हैं. लेकिन 9 सालों से श्रीनगर एनआईटी का स्थाई परिसर आज तक बन कर तैयार नहीं हो सका, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने भी कई आंदोलन भी किए और आज विधिवत एनआईटी का भूमी पूजन किया गया.  

जानकारी के मुताबिक, सुमाड़ी में 1 हजार करोड़ की लागत से 310 एकड़ भूमी पर एनआईटी उत्तराखण्ड के स्थाई परिसर का निर्माण किया जायेगा. 1200 से अधिक छात्र यहां पढ़ सकेंगे. बीते 9 सालों से एनआईटी उत्तराखंड का अस्थाई कैंपस श्रीनगर के पॉलिटेक्निक में संचालित किया जा रहा था. पिछले साल से छात्रों के स्थाई कैंपस की मांग के विरोध के चलते यहां पढ़ने वाले छात्रों को इसके सेटेलाइट परिसर एनआईटी जयपुर मे शिफ्ट किया गया, जिससे यहां की जनता में खासा रोष था.

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गढवाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने बताया कि जल्द ही जयपुर में पढ़ रहे छात्रों को वापस लाया जायेगा और जब तक एनआईटी का स्थाई कैंपस बनकर तैयार नहीं हो जाता उन्हें पालिटेक्निक व आईटीआई के भवन में अस्थाई रूप से बनाये गये कैंपस में संचालित किया जायेगा, जिसके लिए रेशम विभाग व आईटआई विभाग से वार्ता भी कर ली गई है.

इस दौरान एमएचआरडी मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने स्थानीय लोगों को गढवाली में संबोधित किया. उन्होनें देश-विदेश में रह रहे सुमाड़ी के ग्रामीणों को वापस गांव में आने का आग्रह किया. उन्होंने कहा एनआईटी के स्थाई कैंपस के गठन के बाद एक केंद्रीय विद्यालय भी यहां बनाया जाएगा, जिससे की यहां और आस-पास के लोगों को बेसिक शिक्षा के लिए भी पलायन न करना पड़े.