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उत्तराखंड: खटीमा गोलीकांड को पूरे हुए 25 साल, आज भी कम नहीं हुई शहीदों के परिजनों की पीड़ा

एक सितंबर को खटीमा में गोलीकांड की 25वीं बरसी मनायी जाएगी.

उत्तराखंड: खटीमा गोलीकांड को पूरे हुए 25 साल, आज भी कम नहीं हुई शहीदों के परिजनों की पीड़ा
राज निर्माण के लिए सबसे पहली शहादत खटीमा की धरती पर दी गयी थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

खटीमा (धीरेन्द्र मोहन गौड़): उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए हो रहे आंदोलन में अपनी जान देने वाले शहीदों के परिजन आज भी सरकार से सम्मान की राह ताक रहे हैं. उत्तराखंड राज्य तू बने जहां 19 साल हो चुके हैं. वहीं, राज निर्माण के लिए सबसे पहली शहादत खटीमा की धरती पर दी गयी थी. सन् 1994 में उत्तराखंड राज्य के लिए जहां पूरे प्रदेश में आंदोलन चल रहा था. वहीं खटीमा में हजारों की संख्या में राज्य निर्माण की मांग को लेकर भूतपूर्व सैनिक छात्रों और व्यापारियों द्वारा जुलूस निकाला जा रहा था, जिस पर खटीमा के तत्कालीन पुलिस इंस्पेक्टर डीके केन द्वारा खुलेआम गोली चलाई गई थी. जिसमें मौके पर सात आंदोलनकारी शहीद हो गए थे और सैकड़ों लोग घायल हुए थे. जिसके बाद उग्र हुए आंदोलन के फलस्वरूप सन् 2000 में राज्य का निर्माण हुआ.

राज्य निर्माण के लिए हुए आंदोलन को दबाने के लिये खटीमा में हुए गोलीकांड में अपनी जान देने वाले शहीद परमजीत सिंह अपने मां-बाप की इकलौती संतान थे. पुत्र की मौत के बाद दर-दर भटक रहे सरदार नानक सिंह आज बदहाल जिंदगी जीने को मजबूर हैं. शहीद के माता पिता किराए के मकान में रहने को मजबूर है. 75 साल से ऊपर की उम्र में किसी तरीके से अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं.

शहीद परमजीत सिंह के पिता नानक सिंह का कहना है कि उन्हें अपने पुत्र की शहादत पर गर्व है. लेकिन वही अफसोस है कि सरकार हर साल शहीद दिवस पर उन्हें बुलाकर फूल माला तो पहनाती है, लेकिन उनके जीवन यापन के लिए कोई प्रयास नहीं करती है.

एक सितंबर को खटीमा में गोलीकांड की 25वीं बरसी मनायी जाएगी. उत्तराखंड राज्य बनाने की मांग को लेकर निकाले जा रहे जुलूस पर एक सितम्बर 1994 में पुलिस ने चलायी थी गोलियां, गोलीकांड में सात राज्य आंदोलनकारी शहीद हुए थे और सैकड़ों घायल हुए थे. शहीदों की याद में हर वर्ष एक सितंबर को खटीमा स्थित शहीद पार्क में शहीद दिवस मनाया जाता है. शहीद दिवस में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अजय भट्ट, यूकेडी से काशी सिंह ऐरी सहित कई नेता शामिल होंगे.