उत्तराखंड पंचायत चुनाव: मतगणना के दौरान बंदरों से निपटने के लिए बनाई गई गुलेल टीम

प्रशासन ने इस कार्य के लिए होमगार्ड, वन विभाग व मंडी कर्मचारियों का एक दस्ते का गठन किया है. जोकि मतगणना चलने तक आठ-आठ घंटे की ड्यूटी कर गुलेल के माध्यम से बंदरों को भगाने का काम करेंगे.

उत्तराखंड पंचायत चुनाव: मतगणना के दौरान बंदरों से निपटने के लिए बनाई गई गुलेल टीम
प्रशासन को बंदरों की मतगणना स्थल पर मौजूदगी से यह आशंका थी कि कही बंदर मतगणना पंडाल में घुसकर कोई व्यवधान पैदा ना कर दें.

धीरेन्द्र मोहन गौड़/उधम सिंह नगर: उत्तराखंड में कल यानी 21 अक्टूबर को होने वाली पंचायत चुनाव मतगणना में सुरक्षा के पुख्ता इंतदाम किए गए हैं. सुरक्षा के लिहाज से यहां पुलिस, पीएसी, होमगार्ड सहित तमाम सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. लेकिन, उधम सिंह नगर के खटीमा में एक अलग व्यवधान से निपटने के लिए प्रशासन को इस बार तैयारियां करनी पड़ी हैं. मंडी परिसर में कल होने जा रही मतगणना के लिए  मतगणना स्थल के आसपास बंदरो के आतंक से निपटने के लिए प्रशासन ने इस बार गुलेल दस्ते का गठन किया है. 

गुलेल दस्ता मतगणना स्थल के आसपास मौजूद बंदरों को भगाने का काम करेगा. प्रशासन ने इस कार्य के लिए होमगार्ड, वन विभाग व मंडी कर्मचारियों का एक दस्ते का गठन किया है. जोकि मतगणना चलने तक आठ-आठ घंटे की ड्यूटी कर गुलेल के माध्यम से बंदरों को भगाने का काम करेंगे. प्रशासन को बंदरों की मतगणना स्थल पर मौजूदगी से यह आशंका थी कि कही बंदर मतगणना पंडाल में घुसकर कोई व्यवधान पैदा ना कर दें. इसलिए प्रशासन ने शांतिपूर्ण व व्यवधान मुक्त मतगणना के लिए गुलेल दस्ते का गठन कर उसे मतगणना स्थल के आसपास से बंदरों को भगाने की ड्यूटी में लगा दिया है.