चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड में सियासी संग्राम, कांग्रेस ने पूछा, 'इतनी जल्दबाजी क्यों?'

कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि चूंकि बारिश के मौसम में चार धाम यात्रा में बहुत कम यात्री आते हैं. ऐसे में सरकार को चार धाम यात्रा शुरू करने के पहले पूरी तैयारी करनी चाहिए. उन्होंने पूछा है कि सरकार इतनी जल्दबाजी में क्यों है?

चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड में सियासी संग्राम, कांग्रेस ने पूछा, 'इतनी जल्दबाजी क्यों?'

उत्तराखंड: चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार का दावा है कि उसकी तैयारियां पूरी हैं और 1 जुलाई से यात्रा शुरू होगी. वहीं कांग्रेस पार्टी ने चार धाम यात्रा को लेकर सरकार पर हमला बोला है. कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि अभी तक चार धाम यात्रा को लेकर सरकार ने क्या तैयारियां की है? सरकार को ये बताना चाहिए. 

कांग्रेस ने पूछा 'जल्दबाजी क्यों ?'
कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि चूंकि बारिश के मौसम में चार धाम यात्रा में बहुत कम यात्री आते हैं. ऐसे में सरकार को चार धाम यात्रा शुरू करने के पहले पूरी तैयारी करनी चाहिए. उन्होंने पूछा है कि सरकार इतनी जल्दबाजी में क्यों है? यात्रा शुरू करने से पहले सरकार ने जो भी ठोस कदम उठाए हैं, उनकी जानकारी देनी चाहिए. '

BJP विधायक ने चरणबद्ध यात्रा की हिमायत की 
बद्रीनाथ धाम के विधायक महेंद्र प्रसाद भट्ट ने चार धाम यात्रा को चरणबद्ध तरीके से खोलने की बात कही है. उनका कहना है कि बद्रीनाथ धाम चमोली जिले में पड़ता है, ऐसे में सबसे पहले यात्रा चमोली जिले के लोगों के लिए खोली जानी चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि तराई क्षेत्रों के लिए यात्रा सबसे देर में खुलनी चाहिए. महेंद्र प्रसाद भट्ट विधायक होने के नाते देवस्थानम बोर्ड के सदस्य भी हैं. हालांकि उत्तराखंड सरकार ने यात्रा पूरे प्रदेश के लिए खोलने की बात कही है. 

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यात्रा शुरू होगी, लेकिन जान लीजिए नियम 
केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा 1 जुलाई से शुरू की जाएगी. इसके लिए सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की हैं. फिलहाल उत्तराखंड के लोगों (Uttarakhand residents) को ही इस यात्रा में शामिल होने की मंजूरी दी गई है. 

  • सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दी जाएगी. यात्रा के लिए लोगों को सम्बन्धित धाम के जिला प्रशासन से मंजूरी लेनी होगी.
  •  मंजूरी के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा. ये आवेदन जिला प्रशासन की वेबसाइट पर किया जा सकता है. अभी तक धामों से जुड़े जिलों उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली के भीतर के ही स्थानीय लोगों को ही मंजूरी दी गई थी. 
  • कंटेनमेंट जोन, क्वारंटाइन सेंटर या फिर अन्य राज्यों के लोगों को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी. 
  • देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने कहा है कि सुबह 7 से शाम 7 बजे तक दर्शन करने का समय रहेगा. दर्शन के लिए देवस्थानम बोर्ड की ओर से निशुल्क टोकन दिया जाएगा. दर्शन के लिए पहले टोकन लेना जरूरी होगा.
  • केदारनाथ में एक घंटे में अधिकतम 80 श्रद्धालु ही दर्शन करेंगे.

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