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उत्तराखंड राज्य की पहली मानव विकास रिपोर्ट जारी, जानें क्या कहते हैं आकंड़ें

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अर्थ एवं संख्या निदेशालय द्वारा तैयार इस रिपोर्ट का विमोचन किया . 

उत्तराखंड राज्य की पहली मानव विकास रिपोर्ट जारी, जानें क्या कहते हैं आकंड़ें

देहरादून: उत्तराखण्ड राज्य की पहली मानव विकास रिपोर्ट  2019 शनिवार को जारी कर दी गई है. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अर्थ एवं संख्या निदेशालय द्वारा तैयार इस रिपोर्ट का विमोचन किया . 

इस रिपोर्ट में शिक्षा , स्वास्थ्य , पेयजल , स्वच्छता , विद्युतीकरण , प्रति व्यक्ति आय के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों के साथ विकास की दिशा में आ रही चुनौतियों व उसके समाधान का भी समावेश किया गया है . 

रिपोर्ट के अनुसार पर्वतीय जिलों के मुकाबले मैदानी जिलों की स्थिती बेहतर है . रिपोर्ट के मुताबिक राज्य का मानव विकास सूचकांक  0.718 है . वहीं लैंगिक विकास सूचकांक 0.727 है जिसमें 0.892 लैंगिक विकास सूचकांक के साथ उत्तरकाशी जिला पहले पायदान पर है. 

रिपोर्ट के अनुसार जहां राज्य का मानव विकास सूचकांक 0.718 है तो वहीं पर्वतीय जिलों के मुकाबले मैदानी जिलों का मानव विकास सूचकांक अधिक है . पहले स्थान पर देहरादून ( 0.765 ) , दूसरे स्थान पर हरिद्वार (0.733 ) और तीसरे स्थान पर (0.717) सूचकांक के साथ उद्यमसिंह नगर है .  जबकि सबसे आखिरी 13वें स्थान पर टिहरी गढवाल (0.611) , 12वें स्थान पर चम्पावत (0.620) , व 11वें स्थान पर रुद्रप्रयाग (0.626 ) है .  राज्य की 16 प्रतिशत जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे 

मानव विकास रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की प्रति व्यक्ति आय में तेजी से वृद्धि हुई है . रिपोर्ट के मुताबिक ( per capita net District Domestic Product)  157.4 हजार है . जबकि हरिद्वार में उच्चतम  254.1 हजार व रुद्रप्रयाग में सबसे कम 83.5 हजार है .

बात गरीबी रेखा की करें तो रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की 16 प्रतिशत जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे तथा लगभग 20 प्रतिशत ग्रामीण जनसंख्या और 11 प्रतिशत शहरी जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे है . पर्वतीय क्षेत्रों में राशन कार्ड धारक 95 प्रतिशत है जबकि मैदानी क्षेत्र में 85 प्रतिशत है .  

लैंगिक विकास सूचकांक की बात करें तो उत्तराखण्ड राज्य का लैंगिक विकास सूचकांक 0.727 है . इसमें पहले स्थान पर 0.892 सूचकांक के साथ उत्तरकाशी जिला है . यहां गौर करने वाली बात ये है कि हाल ही में उत्तरकाशी जिला लिंगानुपात के आंकडे को लेकर खासा चर्चा में रहा है जब जिला प्रशासन ने 133 गांव में तीन महीने में एक भी बालिका का जन्म न होने के आंकडे बता दिए . जिसकी सरकार जांच करवा रही है .

वहीं दूसरे स्थान पर रुद्रप्रयाग जिला 0.864 और तीसरे रैंक में बागेश्वर जिला 0.820 है . ये ही नहीं उत्तराखण्ड मानव विकास रिपोर्ट  2019 के मुताबिक उत्तराखण्ड में जीवन प्रत्याशा 71.3 प्रतिशत है जो कि  2017 के आधार पर तय की गई है . इसमें पिथौरागढ़ जिला का सबसे अधिक 72.1 प्रतिशत व अल्मोडा में 71.9 प्रतिशत है . जबकि सबसे कम हरिद्वार का 67.7 प्रतिशत व टिहरी का 68.7 प्रतिशत है .