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आज रात थमेगी उत्तराखंड बसों की रफ्तार, हड़ताल पर जाने का ऐलान, UP का मिला समर्थन

उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन का दावा है कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम कर्मचारी संघ ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है. इसके तहत मंगलवार आधी रात से उत्तराखंड जाने वाली यूपी की 1500 बसों का संचालन भी ठप हो जाएगा.

आज रात थमेगी उत्तराखंड बसों की रफ्तार, हड़ताल पर जाने का ऐलान, UP का मिला समर्थन
रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला है.

देहरादून: उत्तराखंड परिवहन निगम (Uttarakhand Transport Corporation) के कर्मचारियों ने कई मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल (Indefinite strike) का ऐलान किया है. कर्मचारी वेतन (Salary) और बोनस (Bonus) के भुगतान की मांग कर रहे हैं. रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला है. 

उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन का दावा है कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम कर्मचारी संघ ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है. इसके तहत मंगलवार आधी रात से उत्तराखंड जाने वाली यूपी की 1500 बसों का संचालन भी ठप हो जाएगा.

अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर हल्द्वानी में संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में तमाम पहलुओं पर चर्चा की गई. कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया है.

वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति परिवहन निगम प्रबंधन की असंवेदनशीलता के चलते हड़ताल का एलान करना पड़ा. दीपावली से ठीक पहले परिवहन निगम कर्मियों की हड़ताल से लाखों यात्रियों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ेगी. आपको बता दें कि रेलवे का संचालन ठप्प किया हो. रेल सेवाएं बाधित होने के बाद से यात्री बसों से ही सफर कर रहे हैं. ऐसे में अगर अगर बसों की हड़ताल नहीं टली तो त्यौहार के मौके पर यात्रियों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा. 

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वहीं, कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार अधिकारियों के साथ मीटिंग होने के बाद भी वेतन को सही समय पर जारी नहीं किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कर्मचारियों का कहना है कि नोटिस के बावजूद निगम प्रबंधन मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं कर रहा है. ऐसे में अनिश्चितकालीन हड़ताल के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है. 

आपको बता दें कि  उत्तराखंड में परिवहन निगम की बसें लाइफ लाइन का काम करती हैं. अब देखना होगा कि परिवहन निगम के अधिकारी कर्मचारियों की  चेतावनी से किस तरह निपटे हैं.