Building New Uttarakhand में बोले कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, कहा- राष्ट्रहित में वापस लिए गए तीनों कृषि बिल
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Building New Uttarakhand में बोले कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, कहा- राष्ट्रहित में वापस लिए गए तीनों कृषि बिल

 ज़ी उत्तर प्रदेश उत्तराखंड का बुधवार को बड़ा कॉन्क्लेव हुआ. इस कॉन्क्लेव की थीम 'बिल्डिंग न्यू उत्तराखंड' (Building New Uttarakhand) है. जिसमें शासकीय प्रवक्ता/कृषि मंत्री सुबोध उनियाल (Subodh Uniyal) ने शिरकत की. 

Building New Uttarakhand में बोले कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, कहा- राष्ट्रहित में वापस लिए गए तीनों कृषि बिल

देहरादून:  ज़ी उत्तर प्रदेश उत्तराखंड का बुधवार को बड़ा कॉन्क्लेव हुआ. इस कॉन्क्लेव की थीम 'बिल्डिंग न्यू उत्तराखंड' (Building New Uttarakhand) है. जिसमें शासकीय प्रवक्ता/कृषि मंत्री सुबोध उनियाल (Subodh Uniyal) ने भाजपा सरकार के 5 साल के कामकाज सहित कई मुद्दों पर पक्ष रखा. उनसे बातचीत की एंकर राममोहन शर्मा ने. 

किसान कानून वापसी पर सुबोध उनियाल ने दी प्रतिक्रिया
सुबोध उनियाल ने बताया कि ये तीनों कानून किसानों के हित में थे. जिनको लेकर कुछ देशहित के खिलाफ करने वाले लोग लगातार किसानों को भ्रमित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि देश के किसानों को भ्रमित करने का काम आढ़तियों ने किया. कांग्रेस और विपक्षी दल जिनका धरातल साफ हो गया था, इनकी कोशिश किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर संभावनाएं तलाशने की थी. देश को तोड़ने की शक्तियां फिर हावी हो गई थीं. जिसके खातिर प्रधानमंत्री मोदी को ये कानून वापस लेने पड़े. उनियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा था कि किसानों के चेहरे पर खुशहाली लाने के लिए हमने बिल लाया था, जिनको राष्ट्रहित में वापस लेना पड़ रहा है. ये दो लाइनें पूरी पटकथा का निचोड़ हैं. 

उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में लैंड होल्डिंग कम होती जा रही है, ऐसे में उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत है. इसलिए सरकार का फोकस प्रोडक्टविटी बढ़ाने पर है, जिससे किसान आर्थिक रूप से मजबूत हो. उत्तराखंड पहला ऐसा राज्य है जो ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर एक्ट लेकर आया. जब सरकार बनी तो 2.3 प्रतिशत जमीन पर ऑर्गेनेकि खेती कर रहे थे. जो अब 50 प्रतिशत पर पहुंच चुकी है. साथ ही बिचौलिए को खत्म करने के लिए 1300 आउटलेट्स बना रहे हैं. जिससे किसान अपना उत्पाद सीधे खरीददार को बेच सकेगा. 

प्रदेश में रोजगार और नौकरी की क्या स्थिति है, कितने लोगों को रोजगार मिला?
उनियाल ने कहा कि सभी को सरकारी नौकरी मिल सके यह संभव नहीं है. प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों रोजगार पर जाना होगा. हम मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री सौर ऊर्जा स्वरोजगार योजना, नेशनल इंप्लॉयमेंट प्रोग्राम, 3 लाख और 5 लाख रुपये ब्याज रहित लोन देना, ये सब रोजगार को बढ़ाने की चीजें थीं. कोविड के दौरान लाखों लोग लौटकर आए. जिनमें से 20 फीसदी से ज्यादा लोगों को रोकने में सफल हुए. जिनको सरकार ने रोजगार दिया. सरकार की जिम्मेदारी होती है आर्थिकी को मजबूत करते हुए आजीविका को चलाना. सरकार का काम होता है किसान और नौजवान को संदेश देना, जिसमें हम सफल हुए हैं. 

वहीं, हरीश रावत के 3200 नौकरी की जानकारी देने पर सन्यास लेने के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि हम 15000 से ज्यादा रोजगार दे चुके हैं, जिनमें 8 हजार लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा आयोग के हैं. बताइए 3200 लोगों के नाम और मोबाइल नंबर लेकर कहां मिलूं कि आपको सम्मान के साथ रिटायर किया जा सके. उन्होंने हरीश रावत को लेकर कहा कि जो अपनी बात पर कायम नहीं रहता उसको ज्यादा तवज्जो देने की जरूरत नहीं है. 

मंत्री के तौर पर अलग-अलग मुख्यमंत्रियों में क्या फर्क देखा?
उनियाल ने कहा कि हर किसी के साथ परिस्थितियां अलग होती हैं. अभी यंगस्टर का जमाना है, धामी यंग लड़का है, यंग लड़के में दौड़ने की शक्ति ज्यादा होती है. राज्य और मुख्यमंत्री दोनों नौजवान हैं, साथ मिलेंगे तो रफ्तार बढ़ेगी. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी का नेता मुख्यमंत्री के रूप में इस राज्य में साढ़े तीन साल तक लूटपाट का खेल खेला, माफिया राज स्थापित किया, अगर वो कुछ कहें तो भरोसा नहीं होता. वहीं, उनियाल ने अरविंद केजरीवाल पर भी तंज कसते हुए कहा कि वह दिल्ली में जहां संसाधनों की कमी नहीं है वहां तो 300 यूनिट बांट नहीं पाए, और उत्तराखंड जहां संसाधन सीमित हैं वहां 300 यूनिट बांटने की बात कहते हैं. पहले दिल्ली में तो बांट के दिखाओ, फिर उत्तराखंड में बात करना. 

कांग्रेस पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि हरीश रावत कहते थे कि कोई बागी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, लेकिन आज कहते हैं कि सबका स्वागत है. इनकी कहनी और कथनी में अंतर है. कांग्रेस के इतिहास था. आज भारतीय जनता पार्टी मजबूती के साथ खड़ी है जितने साथ आए हैं वो सब यहीं हैं और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश को मजबूत करने की मुहिम में लगे हुए हैं. और सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास को लेकर काम कर रहे हैं. 

उत्तराखंड में आगामी चुनाव के लिहाज से विपक्ष के बड़े नेताओं के दौरे और राहुल गांधी की नदारदगी के सवाल पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'राहुल गांधी बड़े नेता हैं, मुझे तो आज पता चला. अगर राहुल गांधी बड़े नेता होते तो कांग्रेस धरातल पर क्यों चली जाती? वहीं, एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हरीश रावत ने मुझसे पूछा कि आप कांग्रेस में कब लौट रहे हैं? जिस पर मैंने कहा कि आप (हरीश रावत) राजनीति से रिटायरमेंट ले लें और राहुल गांधी राजनीति से इस्तीफा दे दें. साथ ही उन्होंने बिना नाम लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि मां-बेटे की देश बपौती नहीं है. 

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