उत्तराखंड: बीजेपी में नहीं चलेगा 'सिटिंग-गेटिंग' का फॉर्मूला, इस आधार पर कैंडिडेट को मिलेगा टिकट

दरअसल, इस बार बीजेपी 60 पार के जिस लक्ष्य को लेकर चल रही है, उसमें एक एक सीट काफी महत्वपूर्ण है. कुछ विधायक जिनकी अपने क्षेत्र में एन्टी इनकंबेंसी है, उसके टिकट बदले जाएंगे...

उत्तराखंड: बीजेपी में नहीं चलेगा 'सिटिंग-गेटिंग' का फॉर्मूला, इस आधार पर कैंडिडेट को मिलेगा टिकट

कुलदीप नेगी/देहरादून: उत्तराखंड बीजेपी इस बार 'सिटिंग गेटिंग' के फॉर्मूले पर काम नहीं करेगी. इस बार कार्यकर्ताओं और आम लोगों से मिले फीडबैक के आधार पर ही नेताजी का टिकट फाइनल होगा. पार्टी सूत्रों की मानें तो इसके लिए आंतरिक सर्वे का काम भी शुरू हो चुका है.

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जनता का फीडबैक निभाएगा अहम रोल
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में इस बार बीजेपी जिताऊ प्रत्याशी पर ही दांव खेलेगी. चाहे इसके लिए सिटिंग विधायक जी का ही टिकट क्यों न काटना पड़े. पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार बीजेपी सिटिंग गेटिंग के फॉर्मूले की बजाए जिताऊ उम्मीदवार पर दांव खेलने की योजना पर काम कर रही है. पार्टी का दूसरे दौर का आंतरिक सर्वे भी शुरू हो चुका है. इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही लोगों का फीडबैक अहम रोल निभाएगा. 

दूसरे दौर का सर्वे बहुत खास
दरअसल, इस बार बीजेपी 60 पार के जिस लक्ष्य को लेकर चल रही है, उसमें एक एक सीट काफी महत्वपूर्ण है. कुछ विधायक जिनकी अपने क्षेत्र में एन्टी इनकंबेंसी है, उसके टिकट बदले जाएंगे. पार्टी का यह दूसरे दौर का सर्वे बहुत खास है.

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विपक्ष का भाजपा पर पलटवार
विपक्ष का कहना है कि भाजपा तैयारी में नहीं, बल्कि घबराहट में है. यही वजह है कि भाजपा जिताऊ कैंडीडेट तलाश रही है. लेकिन, भाजपा में जिताऊ कैंडिडेट का भी टोटा पड़ने वाला है. कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा से भाजपा को संकेत मिल गए हैं कि उनकी सरकार आने वाली नहीं है.

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