उत्तराखंड: चुनाव से पहले मांगों को लेकर दबाव बनाने में जुटे कर्मचारी, अब करेंगे हुंकार रैली

प्रदेश के कर्मचारियों ने भी हुंकार भरना शुरू कर दिया है, चुनावी वक्त में कर्मचारी भी अब सरकार पर अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने की रणनीति में जुट गए हैं.

उत्तराखंड: चुनाव से पहले मांगों को लेकर दबाव बनाने में जुटे कर्मचारी, अब करेंगे हुंकार रैली
सांकेतिक फोटो.

राम अनुज/देहरादून: 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी दंगल चल रही है. वहीं, प्रदेश के कर्मचारियों ने भी हुंकार भरना शुरू कर दिया है, चुनावी वक्त में कर्मचारी भी अब सरकार पर अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने की रणनीति में जुट गए हैं.

मांग पूरी करने को लेकर लामबंद हुए कर्मचारी 
2022 के विधानसभा चुनाव के पहले प्रदेश के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 5 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास कूच करने का ऐलान किया है. कर्मचारियों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए 10 कर्मचारी संगठनों का एक महा संगठन बनाया है. जिसका नाम उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति रखा गया है. समन्वय समिति के प्रदेश प्रवक्ता अरुण पांडे का कहना है कि अब मांगों को पूरा कराने के लिए हुंकार रैली की जाएगी. 

उनका कहना है कि एसीपी ,ग्रेड पे प्रमोशन में शिथिलता जैसे कुल 18 मांगों को लेकर कर्मचारी आंदोलित है. अगर सरकार उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं करती तो 5 अक्टूबर को राजधानी देहरादून में कर्मचारी हुंकार रैली करके मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे. 

कांग्रेस ने साधा निशाना
वहीं, कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि पिछले साढ़े 4 साल में प्रदेश सरकार ने ना कर्मचारियों के हित में कोई फैसला किया और ना ही प्रदेश की जनता के हित में कुछ किया गया हैं, ऐसे में सभी वर्ग सरकार से खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं. कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी का कहना है कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया होता तो आज कर्मचारी आंदोलन नहीं करते और ऐसे में भाजपा सरकार की नाकामी या खुद ब खुद उजागर हो रही है. 

भाजपा ने किया पलटवार
वहीं भाजपा का कहना है कि कर्मचारी भी हमारे हैं और सरकार भी कर्मचारियों की है, सरकार सभी कर्मचारी संगठनों से लगातार वार्ता कर रही है, जो जायज मांगे हैं उसको पूरा किया जा रहा है उनका कहना है कि सरकार उनकी मांगों को लेकर पूरी तरह से गंभीर है, जायज मांगों को पूरा किया जाएगा मगर उत्तराखंड को हड़ताली प्रदेश नहीं बनने दिया जाएगा.

2022 के विधानसभा चुनाव के पहले कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हुंकार भर रहे हैं ऐसे में देखना का भी वाजिब होगा कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार क्या कदम उठाती है?

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