राजचिन्ह को लेकर वाराणसी राजपरिवार के भाई-बहन उलझे, थाने तक पहुंचा मामला

राजचिन्ह के इस्तेमाल को लेकर भाई कुंवर अनंत नारायण सिंह ने रामनगर थाने में बहन हरिप्रिया के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है. 

राजचिन्ह को लेकर वाराणसी राजपरिवार के भाई-बहन उलझे, थाने तक पहुंचा मामला
प्रतीकात्मक फोटो

वाराणसी: वाराणसी के राजपरिवार में लंबे समय से चल रहा विवाद एक नए रूप में सामने आया है. पूर्व काशी नरेश डॉक्टर विभूति नारायण सिंह की बेटी हरिप्रिया की ससुराल की एक शादी के कार्ड में राजचिन्ह का प्रयोग किए जाने पर उनके भाई कुंवर अनंत नारायण सिंह ने रामनगर थाने में बहन हरिप्रिया के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है. हरिप्रिया की ससुराल में पिछले दिनों एक शादी हुई थी, जिसमें छपवाए गए कार्ड में उन्होंने काशी के राजपरिवार के राजचिन्ह का प्रयोग किया था. इस कार्ड पर छपे राजचिन्ह को लेकर उन्हीं के भाई कुंवर अनंत ने आपत्ति जताते हुए इसकी शिकायत एडीजी (जोन) पी.वी. राम शास्त्री से की थी. 

एडीजी ने सीओ कोतवाली बृजनंदन राय को जांच का जिम्मा दिया था. सीओ ने पूरे प्रकरण की जांच करने के बाद रिपोर्ट रामनगर थाने को भेज दिया, जिसमें हरिप्रिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे. कुंवर अनंत के पावर ऑफ अटॉर्नी की जिम्मेदारी संभालने वाले राधेचंद्र श्रीवास्तव ने तहरीर दी थी. 

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वाराणसी के एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि 23 अगस्त को रामनगर थाने में काशी के महाराजा अनंत नारायण सिंह के प्रतिनिधि की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है. शिकायत थी कि राजा की बहन हरिप्रिया द्वारा राजघराने की मुद्रा का गलत उपयोग किया गया है. 

खास बात यह है कि राजकुमारी हरिप्रिया के बचाव में बड़ी राजकुमारी कृष्णप्रिया सामने आ गई हैं. कृष्णप्रिया ने अपने भाई पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने कहा, "कुंवर साहब ने जो आरोप लगाया है, वह सरासर गलत है. हम राजघराने के हैं, इसलिए राजचिन्ह का इस्तेमाल कर सकते हैं. कुंवर तो होटलों में इस चिन्ह का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं." 

(इनपुट-आईएएनएस)