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वाराणसी न्यूज/जय पाल: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस के शीर्ष नेताओं द्वारा की गई अभद्र टिप्पणियों ने वाराणसी की राजनीति में उबाल ला दिया है. इसके विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आक्रामक रुख दिखाते हुए एक विशाल 'आक्रोश सभा' का आयोजन किया. इस सभा में भाजपा के सभी मंत्री, विधायक और वरिष्ठ पदाधिकारी एक मंच पर एकत्रित हुए और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.
अजय राय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
इस प्रदर्शन का मुख्य केंद्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय रहे. भाजपा नेताओं ने अजय राय द्वारा प्रधानमंत्री के प्रति उपयोग की गई अमर्यादित भाषा की कड़े शब्दों में निंदा की. भाजपा का स्पष्ट आरोप है कि कांग्रेस नेता राजनीतिक मर्यादाओं को लांघकर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं, जो स्वीकार्य नहीं है. प्रदर्शन के दौरान मांग उठाई गई कि अजय राय के आपराधिक इतिहास को देखते हुए उनकी पुरानी हिस्ट्री शीट दोबारा खोली जाए और उन्हें भविष्य में चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए.
अपराधियों पर हो लगाम
भाजपा के मंच से एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने के लिए अपराधी किस्म के लोगों का राजनीति से बाहर होना जरूरी है. नेताओं ने कहा कि जो व्यक्ति शालीन भाषा का उपयोग नहीं कर सकता, उसे चुनाव लड़ने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. राहुल गांधी और अजय राय पर निशाना साधते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस अब हताशा में ऐसे बयान दे रही है जिससे देश की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंची है.
राज्य मंत्री ने किया बड़ा ऐलान
राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने इस आंदोलन को और धार देते हुए बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा का यह विरोध प्रदर्शन महज एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी चुनावों तक यह चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा. वाराणसी की सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक, भाजपा का यह आंदोलन अब और अधिक आक्रामक रूप लेने की तैयारी में है.
वाराणसी की राजनीति में हलचल
इससे पूर्व भी भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों और मंत्रियों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के विरुद्ध विरोध का बिगुल फूंका था. अब 'आक्रोश सभा' के माध्यम से भाजपा ने यह संदेश दे दिया है कि वह इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है. इस घटनाक्रम ने वाराणसी की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला दिया है और आने वाले समय में राजनीतिक दलों के बीच वाकयुद्ध और तल्ख होने के पूरे आसार हैं. भाजपा का यह आंदोलन अब एक बड़े जनांदोलन की दिशा में बढ़ता दिख रहा है.