बंशीधर भगत बने उत्तराखंड BJP के नए प्रदेश अध्यक्ष, यहां पढ़िए उनका राजनीतिक सफर

पार्टी कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ नवर्निवाचित प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया. 2022 के मिशन के लिए बीजेपी ने वरिष्ठ विधायक बंशीधर भगत को चुना है.   

बंशीधर भगत बने उत्तराखंड BJP के नए प्रदेश अध्यक्ष, यहां पढ़िए उनका राजनीतिक सफर
उत्तराखंड बीजेपी के वरिष्ठ विधायक बंशीधर भगत को प्रदेश भाजपा की कमान मिल गई है.

देहरादून: उत्तराखंड बीजेपी के वरिष्ठ विधायक बंशीधर भगत को प्रदेश भाजपा की कमान मिल गई है. 2022 के मिशन के लिए बीजेपी ने वरिष्ठ विधायक बंशीधर भगत को चुना है. गुरुवार को हुई निर्वाचन प्रक्रिया के अंतर्गत अध्यक्ष पद पर सिर्फ एक ही नामांकन हुआ. केन्द्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर देहरादून पहुंचे केन्द्रीय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की घोषणा की. इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, केंद्रीय मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक व निवर्तमान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट मौजूद रहे. पार्टी कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ नवर्निवाचित प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया. 

ग्राम प्रधान से बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर
बंशीधर भगत 1975 में जनसंघ से जुड़े. राम जन्मभूमि आंदोलन में भी उन्होंने हिस्सा लिया था. 1984 में वे ग्राम प्रधान निर्वाचित हुए. 1989 में नैनीताल जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली. 1991 में पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा में नैनीताल सीट से विधायक चुने गए. 1996 में यूपी सरकार में खाद्य रसद राज्यमंत्री, पर्वतीय विकास मंत्री, वन राज्य मंत्री का कार्यभार संभाला. राज्य बनने के साथ ही बंशीधर भगत मंत्री बनाए गए और कृषि, सहकारिता कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभाली. 2007 में हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र से चौथी बार जीत दर्ज की और सरकार में वन मंत्री बने. 2012 में कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीते. 2017 में फिर से कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के विधानसभा में पहुंचे.

2022 के लिए अहम जिम्मेदारी
बीजेपी के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत को पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने एक नई जिम्मेदारी दी है. रामलीला में राजा दशरथ के पात्र का अभिनय करने वाले बंशीधर भगत अब नए रोल में नजर आएंगे और एक नई जिम्मेदारी निभाएंगे. दरअसल, बंशीधर भगत के सामने असल चुनौती 2017 में मिली प्रचंड जीत को दोहराने की है. 2017 में बीजेपी को प्रदेश में प्रचंड बहुमत मिला और पार्टी तीन चौथाई बहुमत के साथ 57 सीटें जीतकर आई. बंशीधर भगत ने जिम्मेदारी संभालते ही साफ कर दिया कि कार्यकर्ता उनकी प्राथमिकता रहेगी और वो कार्यकर्ताओं में और अधिक उर्जा भरने के साथ ही संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे. ताकि 2017 में मिली प्रचंड जीत 2022 में भी बनी रहे.