राम मंदिर निर्माण के लिए VHP का मेगा प्लान, 4 लाख गांवों के 10 करोड़ परिवारों से जुटाएगी 10 अरब रुपए

राम मंदिर निर्माण के लिए विहिप देश के 4 लाख गांवों के 10 करोड़ परिवारों से संपर्क साधेगा. हर परिवार से 100 रुपए का आर्थिक सहयोग लिया जाएगा. यानी राम मंदिर निर्माण के लिए विहिप का प्लान10 अरब रुपए क्राउड फंडिंग के जरिए इकट्ठा करने का है.

राम मंदिर निर्माण के लिए VHP का मेगा प्लान, 4 लाख गांवों के 10 करोड़ परिवारों से जुटाएगी 10 अरब रुपए
अयोध्या राम मंदिर की कम्प्यूटरीकृत तस्वीर.

अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर के निर्माण में आर्थिक सहयोग के लिए विश्व हिन्दू परिषद (VHP) पूरे भारत में संपर्क अभियान चलाएगी. इस संपर्क अभियान के जरिए विहिप लोगों से उनकी क्षमता के मुताबिक राम मंदिर के लिए आर्थिक सहयोग लेगी. अयोध्या के कारसेवक पुरम पहुंचे विहिप के केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी ने इस बारे में जानकारी दी.  

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए विहिप की अभी कोई बैठक नहीं होगी. माहौल सामान्य होने पर राम मंदिर के लिए व्यापक संपर्क अभियान चलाएंगे. अशोक तिवारी ने कहा, ''पूर्व में हुए शिलादान अभियान में देश के 3 लाख गांवों से पूजित शिलाएं अयोध्या आई थीं. तब विहिप ने एक व्यक्ति से सवा रुपए, एक गांव से एक ईंट दान मांगी थी.''

उन्होंने कहा, ''अब राम मंदिर निर्माण के लिए विहिप देश के 4 लाख गांवों के 10 करोड़ परिवारों से संपर्क साधेगी. हर परिवार से 100 रुपए का आर्थिक सहयोग लिया जाएगा.'' यानी राम मंदिर निर्माण के लिए विहिप का प्लान 10 अरब रुपए क्राउड फंडिंग के जरिए इकट्ठा करने का है. विहिप नेता अशोक तिवारी ने 4 लाख गांवों में राम की प्रतिमा स्थापित करने की खबर को गलत बताया. उन्होंने कहा कि ऐसी कोई योजना नहीं है.

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क्या था शिलादान अभियान?
श्रीराम जन्मभूमि न्यास के तत्कालीन अध्यक्ष महंत रामचंद्रदास परमहंस और विहिप अध्यक्ष अशोक सिंघल ने वर्ष 2002 में देशभर के राम भक्तों से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के पूजित शिलाएं दान करने की अपील की थी. केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयाी की सरकार थी. केंद्र सरकार के मना करने के बावजूद भी देशभर से कारसेवक पूजित शिलाएं लेकर अयोध्या पहुंच रहे थे. अयोध्या में एक बार फिर से 6 दिसंबर, 1992 के हालात बन रहे थे.

इसको लेकर अटल सरकार और विहिप आमने-सामने आ गई थीं. तमाम जद्दोजहद के बाद केंद्र ने पीएमओ में अयोध्या सेल के प्रभारी आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह को शिलाएं स्वीकार करने के लिए अयोध्या भेजा. उन्होंने 15 मार्च 2002 को अयोध्या में अशोक सिंघल और रामचंद्र परमहंस के हाथों शिलादान स्वीकार किया था. इन पूजित शिलाओं को अयोध्या के डीएम को सौंप दिया गया था. अयोध्या प्रशासन की ट्रेजरी में ये दोनों पूजित शिलाएं रखी गई थीं.

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