close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

मुजफ्फरनगर: पटवारी का रिश्वत लेते वीडियो हुआ वायरल, प्रशासन ने कहा- होगी कार्रवाई

एडीएम प्रशासन अमित कुमार ने बताया कि संजीव कुमार तेजालेहड़ा के निवासी है. उन्होंने हमें एक वीडियो भेजा था.

मुजफ्फरनगर: पटवारी का रिश्वत लेते वीडियो हुआ वायरल, प्रशासन ने कहा- होगी कार्रवाई
वीडियो के वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच एसडीएम को सौंप दी है.

अंकित मित्तल/मुजफ्फरनगर: यूपी के मुजफ्फरनगर में एक पटवारी का घूस लेते हुए वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक व्यक्ति से पटवारी रिश्वत लेते हुए दिख रहा है. व्यक्ति ने बड़ी चालाकी से पूरी घटना का वीडियो बना लिया और एसडीएम को भेज दिया. साथ ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया. इस पूरे मामले में जिला प्रशासन ने संज्ञान ले लिया है और पूरे मामले की जांच के लिए एसडीएम को लगा दिया गया है.

दरअसल, सदर तहसील के गांव जालेहड़ा निवासी एक व्यक्ति ने विरासत नाम कराने के लिए सदर तहसील में तैनात पटवारी संजीव त्यागी के पास पहुंचा था. जहां पटवारी ने उससे रिश्वत मांगी. पीड़ित व्यक्ति ने पटवारी को 500 रूपये की रिश्वत दे दी और साथ ही इस पूरी घटना का उसने कैमरे में कैद कर लिया. पीड़ित ने घटना की वीडियो एसडीएम को भेज दिया और इसके साथ उसने वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया. वीडियो के वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच एसडीएम को सौंप दी है. यह वीडियो 3 महीने पहले का बताया जा रहा है. 

 

एसडीएम प्रशासन अमित कुमार ने बताया कि संजीव कुमार तेजालेहड़ा के निवासी है. उन्होंने हमें एक वीडियो भेजा था. उनका ये कहना था कि जो लेखपाल संजीव त्यागी है, क्योंकि उस क्षेत्र में नही है. उन्होंने 3 महीने पहले उनको विरासत करने के लिए कहा था जिसने पटवारी ने पैसे की डिमांड की थी और उनको पैसे दिए भी. क्योकि वीडियो में लेखपाल दिख रहा है लेकिन कोई और व्यक्ति नही दिख रहा है. उस वीडियो को एसडीएम के पास भेजा गया है और उस वादी से हमने जांच के लिए खतौनी की कॉपी मंगाई है. क्योंकि शासनादेश मे 40 दिन में विरासत की कार्यवही हो जानी चाहिए. वो खतौनी आये उस पर अगर कोई कार्यवाही नही हुई है, तो हम उसे एसडीएम को भेजेंगे कार्यवाही करने के लिए.

(Written By - पुलकित मित्तल)