VHP का बड़ा बयान, 'राम मंदिर के निर्माण के लिए 1989 के बाद से नहीं किया धन इकट्ठा'

मिलिंद परांडे ने बयान जारी करते हुए कहा कि विश्व हिंदू परिषद व श्रीराम जन्मभूमि न्यास (दोनों) आज भी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण हेतु कोई धन संग्रह नहीं कर रहे हैं. 

VHP का बड़ा बयान, 'राम मंदिर के निर्माण के लिए 1989 के बाद से नहीं किया धन इकट्ठा'
सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को अयोध्या विवाद पर अपना फैसला सुना दिया था. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने रविवार को एक बयान जारी करते हुए साफ किया है कि श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए किसी प्रकार का धन संग्रह नहीं किया जा रहा है. विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने इस मामले में स्पष्ट किया कि विश्व हिंदू परिषद या श्रीराम जन्मभूमि न्यास के द्वारा 1989 के बाद से आज तक श्रीराम जन्मभूमि के लिए सार्वजनिक रूप से ना तो कोई धन संग्रह किया है और ना ही इस हेतु अभी तक कोई आह्वान किया है.

मिलिंद परांडे ने बयान जारी करते हुए कहा कि 1989 से, ना तो विहिप और ना ही श्री राम जन्मभूमि न्यास ने भगवान श्री राम के जन्म स्थान पर मंदिर निर्माण के लिए धन इकट्ठा किया और ना ऐसा करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा, "वर्तमान समय में भी विहिप या श्री राम जन्मभूमि न्यास ने इस तरह की कोई अपील नहीं की है और ना ही ऐसा कर रही है.

यह पूछे जाने पर कि किस चीज ने विहिप को बयान जारी करने के लिए मजबूर किया तो, इसके प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि विहिप राम मंदिर के लिए विहिप के नाम पर धन के अवैध संग्रह से आशंकित है. यह कदम एक ऐहतियाती उपाय है. उन्होंने कहा कि यह विहिप के नाम पर राम मंदिर के लिए किसी भी तरह के दान के खिलाफ जनता को सचेत करना है.

ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को अयोध्या विवाद पर अपना फैसला सुना दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए विवादित भूमि राम मंदिर निर्माण के लिए दे दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही केंद्र सरकार को राम मंदिर के निर्माण के लिए एक ट्रस्ट बनाने के लिए कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने इस ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़ा को भी शामिल करने की बात कही थी.