स्वामी सानंद की लड़ाई को हम आगे ले जाएंगे, हम उनको कभी नहीं भूलेंगे : राहुल गांधी

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'मां गंगा के सच्चे बेटे प्रोफेसर जीडी अग्रवाल नहीं रहे. गंगा को बचाने के लिए उन्होंने स्वयं को मिटा दिया.'

स्वामी सानंद की लड़ाई को हम आगे ले जाएंगे, हम उनको कभी नहीं भूलेंगे : राहुल गांधी
स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद यानि प्रोफेसर जीडी अग्रवाल गंगा एक्ट बनाने के लिए लड़ाई लड़ रहे थे. (फाइल फोटो)
Play

नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गंगा की सफाई और संरक्षण के लिए लंबे समय तक संघर्ष करने वाले पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल के निधन पर दुख जताते हुए शुक्रवार को कहा कि ‘'हम उनकी लड़ाई को आगे ले जाएंगे.'’ 

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'मां गंगा के सच्चे बेटे प्रोफेसर जीडी अग्रवाल नहीं रहे. गंगा को बचाने के लिए उन्होंने स्वयं को मिटा दिया.' उन्होंने कहा, 'हिंदुस्तान को गंगा जैसी नदियों ने बनाया है. गंगा को बचाना वास्तव में देश को बचाना है. हम उनको कभी नहीं भूलेंगे. हम उनकी लड़ाई को आगे ले जाएंगे.' 

ये भी पढ़ें- स्वामी सानंद की मौत पर उठे सवाल, आध्‍यात्मिक गुरु ने कहा- 'ये मौत नहीं साजिशन हत्या है'

Rahul gandhi

लंबे समय से गंगा की स्वच्छता और संरक्षण की मांग कर रहे पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल का बृहस्पतिवार को निधन हो गया. उन्‍हें स्वामी सानंद के नाम से जाना जाता था. स्वामी सानंद पिछले 112 दिनों से अनशन पर थे और उन्होंने नौ अक्टूबर से जल का भी त्याग कर दिया था.

उधर, श्रीविद्यामठ के महंत अविमुक्तेश्वरानंद ने स्वामी सानंद की मौत को हत्या बताया है. अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ये कैसे हो सकता है कि जो व्यक्ति आज सुबह तक स्वस्थ अवस्था में रहे और अपने हाथ से ही प्रेस विज्ञप्ति लिखकर जारी करे. वह 111 दिनों तपस्या करते हुए आश्रम में तो स्वस्थ रहे पर अस्पताल में पहुंचकर एक रात बिताते ही, उनकी उस समय मृत्यु हो जाए जब वह स्वयं ही उनके शरीर में आई पोटेशियम की कमी को दूर करने के लिए मुख से और इंजेक्शन के माध्यम से पोटेशियम लेना स्वीकार कर लिया हो. 

congress and Saint rise the question on the death swami gyan swaroop Sanand
श्रीविद्यामठ के महंत अविमुक्तेश्वरानंद...

उन्होंने आरोप लगाया कि हमें पूरी तरह से ये लगता है कि स्वामी सानंद हत्या हुई है. अविमुक्तेश्वरानंद ने गंगा की अविरल धारा की मांग को लेकर तपस्या कर रहे अपने शिष्य स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद के अचानक हुई मौत पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि यह बताया जा रहा है कि उनको हार्ट अटैक आया. उन्होंने कहा कि ये सरकार यदि ये संदेश देना चाहती है कि जो गंगा की बात करेगा, उसकी हत्या हो जाएगी. उन्होंने कहा कि इस देश में गंगा के लिए पहले भी हमारे पूर्वजों ने बलिदान किया है और आज भी गंगा भक्त गंगा के लिए कुछ भी कर गुजरने से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा कि स्वामी सानंद के चले जाने से गंगा अभियान नहीं रुकेगा, ये निरंतर चलता रहेगा.