आम का असली स्वाद चखना हो तो चले आइए मेरठ के किठौर, यहां किठौर के शाहजहांपुर फलपट्टी क्षेत्र में आम की तमाम ऐसी नस्लें हैं.
जिनका नाम लेते ही मुंह में रस घुल जाता है. कोई आम गुलाब की खुशबू बिखेरता है, तो कोई शुगर फ्री होने की खासियत रखता है.
आंकड़ों पर गौर करें तो आम की कुल 375 प्रजातियों में से नौ अकेले शाहजहांपुर ने इजाद की हैं. यहां एक ही पेड़ पर आम की 24 प्रजातियां कलमबद्ध की गई है.
यहां नर्सरी में बारह महीने आम का फल देने वाला भी पेड़ मौजूद है. 125 साल पहले शाहजहांपुर द्वारा इजात किया आम गुलाब जामुन अपनी मिठास से देशभर में मशहूर है.
गुलाब जामुन नाम का यह गोलमटोल आम बेहद रसीला, मोटा व गुदेदार और ऊपर से लाल होता है. कहते हैं शाहजहांपुर में गुलाब की क्यारी के बीच इजाद हुए इस आम का नाम गुलाब जामुन रखा गया.
अंग्रेजों को भी यह आम बेहद पसंद था. करीब 1926 में सरावनी के भैया जी (बुचड़ वाले) और लाला जी पत्थर वालों ने गुलाब जामुन की इजाद की.
शाहजहांपुर की मार्डन नर्सरी में इसकी पैदावार बढ़ाकर इस आम को प्रसिद्ध किया. वहीं आमन नफीस-हाफिज नफीस खांन ने शुगर फ्री आम को करीब 50 साल पहले तैयार किया था.
देखने में खुबसूरत यह आम बेहद जायकेदार है. देखने में ये आम दशहरी जैसा लगता है. वजाहत पसंद-1967 में तैयार महरूम वजाहत ने इसे तैयार किया. इसकी खासियत यह है कि आंधी में भी यह नहीं टूटता.