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फर्जी महिला IAS बोली- 5 लाख में मिला आईकार्ड, मुंह बंद रखने के लिए 5 करोड़ का ऑफर

मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी की सुरक्षा में कथित सेंधमारी का मामला आज उस वक्त और गहरा गया जब वहां छह माह से ज्यादा समय तक फर्जी आइएएस प्रोबेशनर के रूप में निवास कर रही महिला ने आरोप लगाया कि अकादमी के उपनिदेशक सौरभ जैन ने रिश्वत लेकर उसे फर्जी पहचानपत्र जारी किया था।

फर्जी महिला IAS बोली- 5 लाख में मिला आईकार्ड, मुंह बंद रखने के लिए 5 करोड़ का ऑफर

देहरादून : मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी की सुरक्षा में कथित सेंधमारी का मामला आज उस वक्त और गहरा गया जब वहां छह माह से ज्यादा समय तक फर्जी आइएएस प्रोबेशनर के रूप में निवास कर रही महिला ने आरोप लगाया कि अकादमी के उपनिदेशक सौरभ जैन ने रिश्वत लेकर उसे फर्जी पहचानपत्र जारी किया था।

रूबी चौधरी नाम की इस महिला ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में उसका कोई दोष नहीं है। अकादमी के उपनिदेशक ने वहां रहने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये उसे फर्जी पहचानपत्र जारी किया था। रूबी ने कहा कि जैन ने फर्जी पहचानपत्र जारी करने के लिये उससे तीन किश्तों में पांच लाख रूपये लिये थे। इसी आधार पर वह अकादमी में छह माह से ज्यादा समय तक रूकी रही।

आरोपी महिला ने यह भी कहा कि अधिकारी ने उसे धन के बदले अकादमी में लाइब्रेरियन की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्घू ने कहा कि मामले की जांच के लिये सीबी-सीआइडी की एक महिला अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल गठित किया गया है। पूरे प्रकरण की तस्वीर दो-तीन दिन के बाद ही साफ हो सकेगी।

भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420, 467, 468, 471 और 170 के तहत आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। रूबी ने आरोप लगाया कि जैन ने कुल 20 लाख रूपये के एवज में अकादमी में लाइब्रेयिन की नौकरी की पेशकश की थी। उसने बताया कि वह अधिकारी को पांच लाख रूपये पहले ही दे चुकी थी जबकि बाकी बचे धन की व्यवस्था के लिये वह अपने मित्रों और रिश्तेदारों से मदद लेने की योजना बना रही थी।

शक के घेरे में आये अकादमी के उपनिदेशक सौरभ जैन 2002 बैच के केरल कैडर के आइएएस अधिकारी हैं। पिछले कुछ वर्ष से वह उत्तराखंड में तैनात हैं जहां उन्होंने विभिन्न पदों पर काम किया है। जैन उत्तरकाशी के जिलाधिकारी रहने के अलावा उर्जा विभाग के सचिव भी रह चुके हैं। एक महिला के फर्जी आइएएस बनकर अकादमी में छह माह तक अनाधिकृत रूप से रूकने का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद कल से लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन अकादमी सुखिर्यों में है। हांलांकि, अकादमी के अधिकारियों को रूबी चौधरी के फर्जी आइएएस होने का पता उसके अकादमी से चले जाने के बाद लगा। रूबी उत्तर प्रदेश के मुजफफरनगर जिले की रहने वाली है।

गत मंगलवार को अकादमी के सुरक्षा अधिकारी, प्रशासन, सत्यवीर सिंह ने मसूरी पुलिस थाने में इस संबंध में तहरीर दी जिसके बाद रूबी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गयी। सितम्बर, 2014 से लेकर मार्च, 2015 तक अकादमी में रहने के दौरान आरोपी महिला परिसर में घूमने के अलावा लाइब्रेरी तथा अन्य जगहों पर भी आती-जाती थी। देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति ने बताया कि रूबी अकादमी के जिस कमरे में रूकी थी, वहां से मिले दस्तावेजों की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की प्राथमिकी दर्ज कराने वाले अकादमी के सुरक्षा अधिकारी, प्रशासन, सत्यवीर सिंह से भी पूछताछ की जायेगी।