UP: यमुना प्राधिकरण ने रद्द किया SDZ में जेपी ग्रुप का आवंटन, नीलाम होंगे स्टेडियम और F1 सर्किट

स्पेशल डेवलपमेंट जोन में जमीन का आवंटन निरस्त होने के बाद जेपी ग्रुप के बुद्ध अंतरराष्ट्रीय सर्किट (Formula 1 Circuit) और क्रिकेट स्टेडियम पर प्राधिकरण का अधिकार हो गया है. 

UP: यमुना प्राधिकरण ने रद्द किया SDZ में जेपी ग्रुप का आवंटन, नीलाम होंगे स्टेडियम और F1 सर्किट
जेपी ग्रुप का बुद्ध इंटरनेशल सर्किट.

ग्रेटर नोएडा: यमुना प्राधिकरण ने बुधवार को जेपी इंटरनेशनल का 1000 हजार हेक्टयर जमीन का आवंटन रद्द कर दिया. यमुना प्राधिकरण ने जेपी ग्रुप को यह जमीन सेक्टर-25 में आवंटित की थी. जेपी ग्रुप पर इस प्लॉट का 1044 करोड़ रुपये यमुना प्राधिकरण पर बकाया था. यह रकम नहीं चुकाने पर यमुना प्राधिकरण ने जेपी ग्रुप के खिलाफ यह र्कारवाई की. आपको बता दें कि पिछले वर्ष नवंबर में हुई यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में सीईओ को इस मामले में फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया था. 

स्पेशल डेवलपमेंट जोन में जमीन का आवंटन निरस्त होने के बाद जेपी ग्रुप के बुद्ध अंतरराष्ट्रीय सर्किट (Formula 1 Circuit) और क्रिकेट स्टेडियम पर प्राधिकरण का अधिकार हो गया है. आवंटन निरस्त किए जमीन की कीमत वर्तमान बाजार दर से करीब बीस हजार करोड़ रुपये आंकी जा रही है. यमुना प्राधिकरण जल्द ही इस संपत्ति को अपने कब्जे में ले लेगा. 

आपको बता दें कि बसपा सरकार के दौरान यमुना प्राधिकरण ने सेक्टर-25 में वर्ष 2009-2010 के दौरान जेपी इंटरनेशनल स्पो‌र्ट्स को करीब एक हजार हेक्टेयर का भूखंड स्पो‌र्ट्स गतिविधि के लिए आवंटित किया गया था. आवंटित जमीन के 35 फीसद हिस्से में स्पो‌र्ट्स  गतिविधियों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने तथा शेष हिस्से में अन्य गतिविधियों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की मान्य दी गई थी.

समय विस्तार देने के बावजूद नहीं नहीं चुकाया बकाया
जेपी ग्रुप को भूखंड की कीमत का बीस फीसद धनराशि आवंटन के समय देना था और शेष धनराशि का भुगतान 20 छमाही किस्तों में करना था. लेकिन कंपनी ने समय से किस्तों को भुगतान नहीं किया. यमुना प्राधिकरण ने जेपी ग्रुप को 2011 से 2015 के बीच 21 नोटिस भेजे. साल 2016 में जेपी ग्रुप को अंतिम नोटिस जारी करते हुए प्राधिकरण ने उस वर्ष सितंबर महीने तक बकाया रकम जमा करने का निर्देश दिया था.

जेपी ग्रुप ने खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए यमुना प्राधिकरण से धनराशि चुकाने के लिए समय विस्तार मांगा था. रिशेड्यूलमेंट पॉलिसी के तहत जेपी ग्रुप को समय विस्तार दिया गया. साल 2017 में कंपनी ने बकाया धनराशि के सापेक्ष तीन सौ करोड़ रुपये और जमा कराए थे लेकिन शेष किस्तों का समय से भुगतान नहीं किया. सौ करोड़ की बैंक गारंटी समेत करीब एक हजार करोड़ रुपये बकाया होने पर यमुना प्राधिकरण सीईओ डा. अरुणवीर सिंह ने बुधवार को जेपी ग्रुप को जमीन का आवंटन रद्द कर दिया.

बीसीसीआई खरीद सकता है जेपी का क्रिकेट स्टेडियम
आपको बता दें कि यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-25 में जेपी ग्रुप का फार्मूला वन सर्किट, क्रिकेट स्टेडियम के अलावा दस आवासीय परियोजनाएं हैं. इसमें कंट्री होम्स एक और दो, क्राउन, ग्रीनक्रेस्ट होम्स, बॉगेनविलाज, विले एक्सपेंजा, स्पो‌र्ट्स विले, कासिया, कोवा और बुद्ध सर्किट स्टूडियोज शामिल हैं. इसमें से 4605 फ्लैट और भूखंड बेचे जा चुके हैं. जेपी ग्रुप ने 2433.41 करोड़ के सापेक्ष निवेशकों से 1900 करोड़ रुपये वसूल भी चुकी है. लेकिन आवंटन रद्द होने के बावजूद निवेशकों के हित सुरक्षित रहेंगे. 

फार्मूला वन और क्रिकेट स्टेडियम का स्वरूप बरकरार रहेगा. प्राधिकरण इनके संचालन के लिए निजी कंपनी के साथ समझौता करेगा. इसके लिए वैश्विक निविदाएं जारी हो सकती हैं. क्रिकेट स्टेडियम को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) भी ले सकता है. यमुना प्राधिकरण खाली जमीन का नए सिरे से आवंटन कर जुटाई गई पूंजी से अपनी धनराशि की वसूली के अलावा अधूरी परियोजनाओं को पूरा कर निवेशकों को फ्लैट, भूखंड पर कब्जा देगा.