नानकदेव के 550वें प्रकाश पर्व पर CM योगी बोले, करतारपुर के बाद अब ननकाना साहब जाने की बारी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबर के अत्याचारों से थर्रा रही इस धरती पर बाबर को जाबर कहने का साहस गुरुनानक देव जी ने ही किया था.

नानकदेव के 550वें प्रकाश पर्व पर CM योगी बोले, करतारपुर के बाद अब ननकाना साहब जाने की बारी
सीएम योगी ने कहा कि गुरुनानक जी ने जीवन मे 3 ही संदेश दिए- तीरथ, नाम और बांट कर खाने का संदेश.

लखनऊ: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएवी कॉलेज के मैदान में आयोजित गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर सभी को 550वें प्रकाशोत्सव की बधाई दी. इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करतारपुर गलियारे में हमने प्रकाश पर्व मनाया. वह दिन दूर नहीं जब हम ननकाना साहब भी जाएंगे. सीएम योगी ने कहा कि जब हमारा देश विदेशी हमलों से जूझ रहा था. धर्म और सत्य नष्ट हो रहा था. उस कालखंड में गुरुनानक देव जी के रूप में ज्योतिपुंज केवल भारतवर्ष तक सीमित नहीं था. उन्होंने देश की सीमाओं को लांघा था और इंडोनेशिया समेत कई देशों तक मानवता का मार्ग प्रशस्त किया था.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबर के अत्याचारों से थर्रा रही इस धरती पर बाबर को जाबर कहने का साहस गुरुनानक देव जी ने ही किया था. सीएम योगी ने कहा कि देश और धर्म पर कभी खतरा आया, तो वे पीछे नहीं हटे. नानकदेव जी ने उस समय कैसे धर्म और बहन-बेटियों की सुरक्षा हो पाएगी, इका संदेश दिया. उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं का त्याग और बलिदान स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता है. भारत में उनके योगदान के कारण ही आज हम इस रूप में हैं. देश और दुनिया आज के दिन पर गुरुनानक देव जी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहा है.

सीएम योगी ने कहा कि गुरुनानक जी ने जीवन मे 3 ही संदेश दिए- तीरथ, नाम और बांट कर खाने का संदेश. उन्होंने कहा कि इस देश में धर्म की रक्षा के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया. उन्होंने कहा कि हर सिख आज भी परिश्रम करता मिलता है और कीर्तन के लिए भी समय निकालता है. उन्होंने कहा कि कहीं भी देश और दुनिया में कोई गुरुद्वारा होगा, तो उसके पास कोई व्यक्ति भूखा नहीं रह सकता है. गुरुद्वारे में लंगर छकने में किसी का भी जाति, पंथ, मजहब नहीं देखा जाता है. इसके पीछे बहुत बड़ी प्रेरणा है. 

सीएम ने कहा कि 9 नवंबर को अद्भुत संयोग था. एक तरफ करतारपुर गलियारे में पीएम नरेंद्र मोदी मौजूद थे और दूसरी तरफ देश की सर्वोच्च अदालत ने रामलला पर फैसला दे दिया. उन्होंने कहा कि सिख समाज का भी रामजन्म भूमि आंदोलन में बहुत योगदान है.