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CM योगी बोले, 'सोनभद्र नरसंहार के लिए कांग्रेस जिम्मेदार, प्रियंका ने बहाए दिखावे के आंसू'

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 18 लाख की मुआवजा राशि व घायलों को 2.5 लाख रुपये देने की घोषणा की है.

CM योगी बोले, 'सोनभद्र नरसंहार के लिए कांग्रेस जिम्मेदार, प्रियंका ने बहाए दिखावे के आंसू'
अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में एक पुलिस चौकी बनाई जाएगी. (फाइल फोटो)

सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सोनभद्र के जाति जनसंहार के लिए रविवार को कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि 'कांग्रेस द्वारा किया गया पाप' गांव वालों के कष्ट का कारण बना है. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा किसानों की मौत पर दिखावे के आंसू बहाने का आरोप लगाया. योगी ने कहा, "यह घटना एक बड़ी राजनीतिक साजिश है. इसकी नींव 1955 में रखी गई थी, जब भूमि को एक ट्रस्ट को स्थानांतरित किया गया था, इस ट्रस्ट को कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य ने गठित किया था. 1989 में कांग्रेस की उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमि को ट्रस्ट के एक व्यक्ति को स्थानांतरित कर दिया था."

योगी आदित्यनाथ उस गांव में थे, जहां भूमि विवाद को लेकर 10 लोगों की जान चली गई और दो दर्जन से ज्यादा लोग बुधवार को घायल हो गए. आदित्यनाथ ने कहा कि इस घटना ने कांग्रेस के 'दलित विरोधी व जनजाति विरोधी चेहरे को उजागर किया है.' पीड़ित परिवारों से मिलने जाते समय शुक्रवार को पुलिस ने प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया था. यह गतिरोध सुर्खियों में रहा और शनिवार को कुछ पीड़ित परिवारों को चुनार किले के अंदर गेस्ट हाउस में ले जाकर प्रियंका से मिलवाया गया, उसके बाद यह मामला सुलझा.

 

मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 18 लाख की मुआवजा राशि व घायलों को 2.5 लाख रुपये देने की घोषणा की है. इससे पहले सरकार ने मृतक परिवारों के लिए 5 लाख रुपये व घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की थी. अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में एक पुलिस चौकी बनाई जाएगी. उन्होंने मृतक परिवारों को अपने बच्चों को आंगनबाड़ी में भेजने की सलाह दी. हालांकि, वे मुआवजे के तौर पर धन, जमीन व दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग कर रहे थे.

ग्राम प्रधान यज्ञ दत्त व उसके सहयोगियों ने आदिवासी किसानों के समूह पर फायरिंग कर 10 लोगों को मौत की नींद सुला दिया था, क्योंकि इन किसानों ने 36 एकड़ जमीन देने से इनकार किया था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्राम प्रधान जमीन पर कब्जा करने के लिए 32 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर अपने करीब 200 लोगों को लेकर आया था. प्रधान के गुर्गो ने किसानों पर 30 मिनट से ज्यादा समय तक फायरिंग की थी.