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CM योगी बोले, 'वाराणसी में पेयजल योजना में देरी कराने वाले 30 जून के बाद जाएंगे जेल'

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक के लिए गढ़मुक्तेश्वर, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में से किसी एक जगह का चयन किया जाए.

CM योगी बोले, 'वाराणसी में पेयजल योजना में देरी कराने वाले 30 जून के बाद जाएंगे जेल'
मुख्यमंत्री ने गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बिजनौर से लेकर बलिया तक के 25 जनपदों में डिस्ट्रिक्ट गंगा कमेटियों का गठन किया जाए.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोकभवन में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने जुलाई में प्रस्तावित राष्ट्रीय गंगा परिषद की प्रथम बैठक, जल निगम की समस्या, कानपुर टेनरीज और गंगा सफाई को लेकर अधिकारियों से चर्चा की. बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर विकास, वन एवं पर्यावरण, पंचायती राज और सिंचाई विभाग राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक के लिए कार्य योजना तैयार करें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक के लिए गढ़मुक्तेश्वर, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में से किसी एक जगह का चयन किया जाए. एक दिवसीय इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विद्वान मौजूद रहेंगे. बैठक में जल निगम के अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल निगम अंतिम सांस ले रहा है. हम वेंटिलेटर पर रखकर उसे कष्ट दे रहे हैं. सबसे ज्यादा शिकायतें यहीं से प्राप्त हो रही हैं. हमें व्यापक कार्य योजना बनाकर इसका विकल्प तलाशना चाहिए. 

उन्होंने कहा कि वाराणसी में पेयजल पाइप लाइन योजना के तहत अब तक 1 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. उसके बावजूद काशी में पानी की परेशानी है. 2010 से 30 जून 2019 तक जो भी लोग इस योजना से जुड़े रहे हैं, सबकी जवाबदेही तय की जाए. जिन लोगों की वजह से यह योजना अभी तक पूरी नहीं हो पाई है, जुलाई के प्रथम सप्ताह में उन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा जाए.

मुख्यमंत्री ने गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बिजनौर से लेकर बलिया तक के 25 जनपदों में डिस्ट्रिक्ट गंगा कमेटियों का गठन किया जाए. इन कमेटियों से सभी जनपदों केजनप्रतनिधियों के साथ-साथ सभी 1557 ग्राम प्रधानों को जोड़ा जाए. उन्होंने कहा कि नदियों की सफाई जनजागरुकता से संभव है. इसके लिए लोगों को जागरुकता में लाकर उन्हें नदियों में मूर्ति विसर्जन एवं शवों के जल प्रवाह को रोका जाए.

कानपुर टेनरीज के संबंध में मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय को निर्देश दिया कि कमेटी की जांच में जिन टेनरीज में कमियां पाई गई हैं और इसके लिए जो लोग जिम्मेदार हैं उन पर तत्काल कार्रवाई की जाए. जो टेनरीज चलने लायक हैं, उन्हें शुरु किया जाए. इस बैठक में मुख्यमंत्री के साथ नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना के साथ, मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय और बैठक में शामिल विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.