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भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार की कार्रवाई, 7 PPS अफसरों को किया जबरन रिटायर

सात आधिकारियों के अलावा अन्य अधिरकारियों पर भी योगी सरकार की नजर है. बताया जा रहा है कि करीब दो दर्जन से ज्यादा अधिकारियों की फाइल सीएम योगी आदित्यनाथ के पास पहुंच चुकी है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार की कार्रवाई, 7 PPS अफसरों को किया जबरन रिटायर
योगी सरकार ने जुलाई माह में सुस्त अधिकारियों को रिटायरमेंट देने का फैसला किया था.

नई दिल्ली: भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ योगी सरकार (Yogi government) ने कड़ी कार्रवाई की है. राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार और काम मनें लापरवाही बरतने वाले प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) अधिकारियों को कार्रवाई की है. योगी सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए 7 पीपीएस अधिकारियों को जबरन रिटायर (Forced Retirement) कर दिया है.

इन पर गिरी गाज

1- अरुण कुमार सहायक सेनानायक 15वीं वाहिनी पीएसी आगरा
2- विनोद कुमार राणा पुलिस उपाधीक्षक फैजाबाद
3- नरेंद्र सिंह राना पुलिस उपाधीक्षक आगरा
4- रतन कुमार यादव सहायक सेनानायक 33वीं वाहिनी पीएससी झांसी
5- तेजवीर सिंह यादव सहायक सेनानायक 27वीं वाहिनी पीएसी झांसी
6- संतोष सिंह मंडलाधिकारी मुरादाबाद
7- तनवीर अहमद खान सहायक सेनानायक 30वीं वाहिनी गोंडा

 

जानकारी के मुताबिक, सात आधिकारियों के अलावा अन्य अधिरकारियों पर भी योगी सरकार की नजर है. बताया जा रहा है कि करीब दो दर्जन से ज्यादा अधिकारियों की फाइल सीएम योगी आदित्यनाथ के पास पहुंच चुकी है. लापरवाही और काम में कोताही बरतने वाले अधिकारियों को लेकर कोई फैसला लिया जा सकता है. 

 

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जुलाई माह में केंद्र की मोदी सरकार का तर्ज पर सुस्त कर्मचारियों और अधिकारियों को उम्र से पहले रिटायर करने का ऐलान किया था. सरकार ने 50 साल की उम्र में ही सुस्त अधिकारियों को रिटायरमेंट देने का फैसला किया था. इसके तहत कई बड़े अफसरों के साथ कर्मचारी भी रडार पर आए हैं.

सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले दो वर्ष के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ जो कार्रवाई की है, वह दूसरे प्रदेशों के लिए नजीर बनेगी. पिछले 2 वर्षो में योगी सरकार अलग-अलग विभागों के 200 से ज्यादा अफसरों और कर्मचारियों को जबरन रिटायर कर चुकी है. इन दो वर्षो में योगी सरकार ने 400 से ज्यादा अफसरों, कर्मचारियों को निलंबन और डिमोशन जैसे दंड भी दिए हैं.

उन्होंने बताया कि योगी सरकार ऊर्जा विभाग में 169 अधिकारियों, गृह विभाग के 51 अधिकारियों, परिवहन विभाग के 37 अधिकारियों, राजस्व विभाग के 36 अधिकारियों, बेसिक शिक्षा के 26 अधिकारियों, पंचायतीराज के 25 अधिकारियों, पीडब्ल्यूडी के 18 अधिकारियों, श्रम विभाग के 16 अधिकारियों, संस्थागत वित्त विभाग के 16 अधिकारियों, वाणिज्य कर विभाग के 16 अधिकारियों, मनोरंजन कर विभाग के 16 अधिकारियों, ग्राम्य विकास के 15 अधिकारियों, वन विभाग के 11 अधिकारियों पर कार्रवाई कर चुकी है.