भ्रष्टाचार पर योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस नीति', इन 4 मामलों में की बड़ी कार्रवाई

भ्रष्टाचार पर योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस नीति', इन 4 मामलों में की बड़ी कार्रवाई

पिछले दो सालों में अलग अलग विभागों के 200 से ज्यादा अफसर और कर्मचारी को जबरन रिटायर किया. 400 से ज्यादा अफसरों और कर्मचारियों को निलंबन और डिमोशन जैसा दंड दिया गया. 

भ्रष्टाचार पर योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस नीति', इन 4 मामलों में की बड़ी कार्रवाई

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भ्रष्टाचार को लेकर 'जीरो टॉलरेंस नीति' अपना रही है. इसी के चलते यूपी सरकार ने चार मामलों में बड़ी कार्रवाई की है. इसमें पहला मामला पंचायती राज परफॉर्मेंस ग्रांट घोटाला मामले में जांच के बाद विजिलेंस ने पंचायती राज्य निदेशालय के डिप्टी डायरेक्टर समेत पांच अफसरों के खिलाफ अलीगंज थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी, गबन, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करवाया है.

आरोप है कि इन लोगों ने परफॉर्मेंस ग्रांट के लिए 1,130 अपात्र ग्राम पंचायतों को सूची में शामिल करवा दिया. 14वें वित्त आयोग के तहत वर्ष 2016 में यूपी के 31 जिलों की 1,798 ग्राम पंचायतों को 700 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस ग्रांट दी जानी थी. 
विजिलेंस इंस्पेक्टर अनिल यादव ने डिप्टी डायरेक्टर गिरीश चंद्र रजक, अपर निदेशक राजेंद्र सिंह, तत्कालीन मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी केशव सिंह, अपर निदेशक शिव कुमार पटेल और सहायक नोडल अधिकारी रमेश चंद्र यादव के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई है. एफआईआर के मुताबिक परफॉर्मेंस ग्रांट के लिए ग्राम पंचायतों के चयन के लिए अप्रैल 2016 में निदेशक पंचायती राज की अध्यक्षता में समिति का गठन हुआ था.

समिति में अपर निदेशक पंचायती राज और संयुक्त निदेशक सदस्य और मुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी सदस्य सचिव व सदस्य नोडल अधिकारी नामित किए गए थे. पात्र ग्राम पंचायतों के चयन की जिम्मेदारी समिति के सदस्य व नोडल अधिकारी गिरीश चंद्र रजक व पटल सहायक रमेश चंद्र यादव को मिली थी.

दो पीसीएस अफसरों को किया बर्खास्त
योगी सरकार ने दो पीसीएस अफसरों को बर्खास्त कर दिया है. बर्खास्त पीसीएस अफसर अशोक कुमार शुक्ला ने सरकारी जमीन को गलत तरीके से एक व्यक्ति के नाम करने का आदेश दिया था. उन्होंने फेसबुक पर भी सरकार के खिलाफ टिप्पणी की थी. दूसरे मामले में अफसर अशोक कुमार लाल को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था. 

बर्खास्त अफसर अशोक कुमार शुक्ला ने हरदोई की शाहाबाद तहसील में एसडीएम पद पर तैनाती के दौरान सरकारी जमीन वहां के निवासी हमीदुल्लाह के नाम करने का आदेश जारी कर दिया था. इसके अलावा, अशोक ने अपने फेसबुक पर पोस्ट किया था कि कल मीटिंग के नाम पर दोपहर 2 बजे से रात 12.40 बजे तक बैठा रहा. आपके अधिकतर अधिकारी बीमार होते जा रहे हैं योगी जी.

दो मंडलीय कमांडेंट भी हुए सस्पेंड
नोएडा में होमगार्ड मानदेय घोटाले में सरकार ने अलीगढ़ के मंडलीय कमांडेंट राम नारायण चौरसिया और मेरठ के मंडलीय कमांडेंट धर्मदेव मौर्य को निलंबित कर दिया है.

पीएसी सिपाही भर्ती में दो लोग गिरफ्तार
वाराणसी में भी पीएसी की सिपाही भर्ती में री-मेडिकल टेस्ट में हुई धांधली का पर्दाफाश कर पुलिस ने राजकीय अस्पताल के सर्जन समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है.

यूपी सरकार की अब तक की भ्रष्टाचार पर की गई कार्रवाई
पिछले दो सालों में अलग अलग विभागों के 200 से ज्यादा अफसर और कर्मचारी को जबरन रिटायर किया. 400 से ज्यादा अफसरों और कर्मचारियों को निलंबन और डिमोशन जैसा दंड दिया गया. ऊर्जा विभाग में 169, गृह विभाग में 51, परिवहन विभाग में 37, राजस्व विभाग में 36, बेसिक शिक्षा के 26, पंचायतीराज के 25, पीडब्ल्यूडी के 18, श्रम विभाग के 16, संस्थागत वित्त विभाग के 16, कमर्शियल टैक्स के 16, एंटरटेनमेंट टैक्स डिपार्टमेंट के 16, ग्राम विकास के 15 और वन विभाग के 11 अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है.

Trending news