योगी के मंत्री ने दिव्यांग को सरेआम किया बेइज्जत, कहा- लूला-लंगड़ा क्या सफाई करेगा

योगी सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने मुख्यमंत्री की आचरण संहिता को ताख पर रखकर सरेआम एक दिव्यांग को अपमानित करते हुए कहा कि ये लूला-लंगड़ा क्या सफाई कर पाएगा. मालूम हो कि केंद्र में मोदी सरकार दिव्यांगों को सम्मान देने के लिए कई तरह के कार्यक्रम लागू कर चुकी है. स्वयं प्रधानमंत्री मोदी कई बार मंच से दिव्यांगों को सम्मान देने की बात कह चुके हैं. 

योगी के मंत्री ने दिव्यांग को सरेआम किया बेइज्जत, कहा- लूला-लंगड़ा क्या सफाई करेगा
लखनऊ के डालीबाग स्थित खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के दफ्तर में सफाईकर्मी से बात करते सत्यदेव पचौरी.

लखनऊ : योगी सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने मुख्यमंत्री की आचरण संहिता को ताख पर रखकर सरेआम एक दिव्यांग को अपमानित करते हुए कहा कि ये लूला-लंगड़ा क्या सफाई कर पाएगा. मालूम हो कि केंद्र में मोदी सरकार दिव्यांगों को सम्मान देने के लिए कई तरह के कार्यक्रम लागू कर चुकी है. स्वयं प्रधानमंत्री मोदी कई बार मंच से दिव्यांगों को सम्मान देने की बात कह चुके हैं. 

दिव्यांग को क्या कहा मंत्री जी ने?
दरअसल योगी सरकार में खादी और ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी बुधवार सुबह लखनऊ के डालीबाग स्थित खादी ग्रामद्योग बोर्ड के दफ्तर पहुंचे थे. वहां वह साफ-सफाई का निरीक्षण करने लगे. वहीं साफ-सफाई के लिए मौजूद दिव्यांग कर्मचारी के लिए मंत्री ने कहा, 'लूले-लंगड़े लोगों को संविदा पर रख रखा है, ये क्या सफाई कर पायेगा. तभी ऐसा हाल है यहां की सफाई का.' मंत्री ने वहां मौजूद अधिकारी से कहा- लूले लंगड़े को संविदा पर रख रहे हो, ये सफाई क्या करेगा बताइए मुझे तभी तो ये हाल है सफाई की. आप पैसे दे रहे हो ना? 

मंत्री ने अफसरों की लगाई क्लास
दिव्यांग को खरी-खोटी सुनाने के बाद मंत्री ने पूरे दफ्तर का जायजा लिया और गंदगी देख अफसरों को खरी खोटी सुनाई. उन्होंने अफसरों से कहा कि प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत अभियान चला रहे हैं और आपको सफाई करनी नहीं आती. शाम तक सफाई नहीं की गई तो सिर पर रखकर कूड़ा उठवाएंगे. योगी सरकार के मंत्री लगातार अपने दफ्तरों का जायजा ले रहे हैं और सफाई पर काफी ध्यान दे रहे हैं.

मालूम हो कि योगी सरकार ने दिव्यांगों के सम्मान में विभाग का नाम बदलकर दिव्यांगजन जनसशक्तिकरण विभाग कर दिया है. इससे पहले पिछले साल केंद्र की मोदी सरकार दिव्यागों के लिए संसद में एक बिल भी पास कर चुकी है जिसमें नि:शक्तजनों से भेदभाव किए जाने पर दो साल तक की कैद और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है.