आप भी करना चाहते हैं रोमांच का अनुभव तो आपके लिए बनी हैं उत्तराखंड की ये वादियां

वैसे तो देश में मनाली पैराग्लाइडिंग का सबसे बड़ा हब माना जाता है. जहां देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में सैलानी उड़ान भरकर हवा में रोमांच का अनुभव लेते हैं लेकिन भीमताल नौकुचियाताल भी अब पैराग्लाइडिंग की दृष्टि से तेजी से उभर रहा है.

आप भी करना चाहते हैं रोमांच का अनुभव तो आपके लिए बनी हैं उत्तराखंड की ये वादियां
भीमताल नौकुचियाताल भी अब पैराग्लाइडिंग की दृष्टि से तेजी से उभर रहा है

नैनिताल: ये लेख खासतौर पर उन लोगों के लिए है जो घूमने-फिरने के शौकिन हैं. क्या आप भी हवा में रोमांच का अनुभव करना चाहते हैं, क्या आप जमीन से सैंकड़ो मीटर ऊपर हवा से बातें करने का ख्वाब रखते हैं, चिड़ियों की तरह हवा में करतब करना चाहते हैं? अगर अगर आपका उत्तर हां है तो भीमताल- नौकुचियाताल की वादियां आपको बुला रही हैं.

वैसे तो देश में मनाली पैराग्लाइडिंग का सबसे बड़ा हब माना जाता है. जहां देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में सैलानी उड़ान भरकर हवा में रोमांच का अनुभव लेते हैं लेकिन भीमताल नौकुचियाताल भी अब पैराग्लाइडिंग की दृष्टि से तेजी से उभर रहा है. इस एडवेंचर स्पोर्ट्स की सबसे बड़ी खूबी यह है कि बरसात को छोड़कर पूरे साल भर सैलानी पैराग्लाइडिंग कर सकते हैं.

पैराग्लाइडिंग के लिए भीमताल नौकुचियाताल क्षेत्र में करीब 12 पैराग्लाइडिंग कंपनियां को राज्य सरकार ने लाइसेंस दिया है. ये पूरा इलाका पैराग्लाइडिंग के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है. सैलानी भी पैराग्लाइडिंग के रोमांच का जमकर लुफ्त उठाते हैं. यहां रोजाना दिल्ली, राजस्थान, यूपी, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा समेत कई जगहों से लोग पहुंचते हैं.

नैनिताल में पिछले कुछ वर्षों से साहसिक पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है. यहां पैराग्लाइडिंग हवा में रोमांच का पर्याय बन चुका है. नैनीताल के रामगढ़, मुक्तेश्वर, भीमताल, सात ताल और नौकुचियाल में माउंटेन बाइकिंग, जिपलाइन, रिवर क्रासिंग, रॉक क्लाइबिंग की गतिविधियां संचालित हो रही हैं, लेकिन पैराग्लाइडिंग जिस तेजी से बढ़ रहा है उससे भीमताल नौकुचियाताल की इकोनॉमी लगातार बढ़ रही है और ये पूरा इलाका एडवेंचर स्पोर्ट्स का हब बन रहा है.

एडवेंचर स्पोर्ट्स हब बनने के साथ ही यहां अभी भी कुछ परेशानियां है. पैराग्लाइडिंग के लिए यहां कई अलग-अलग राज्यों से लोग आते हैं लेकिन यहां की खस्ताहाल सड़के लोगों को परेशान भी करती हैं. टेक ऑफ और लैंडिंग स्थान पर सुविधाओ की कमी है. राज्य सरकार ने पैराग्लाइडिंग की नीति तो बना दी लेकिन ट्रेनिंग के लिए युवाओं को हिमाचल का रुख करना पड़ रहा है. ऐसे में युवाओं की मांग है कि राज्य सरकार की तरफ से भीमताल नौकुचियाताल में ट्रेनिंग कैंप लगाए जाए.

प्रशासन की कोशिशें इस इलाके को एडवेंचर हब बनाने की है लेकिन विशेषज्ञ बताते है कि अभी और कोशिश की जानी जरूरी है. उनकी माने तो यहां ट्रैवल एजेंसियों को बुलाना चाहिए क्योंकि एडवेंचर स्पोर्ट की बहुत संभावनाएं है.

संपादन- अंजली मुदगल